बरेली। आठ वर्षीय छात्र की तबियत बिगड़ने के बाद उसकी मौत होने पर संजय नगर के एक पब्लिक स्कूल में जमकर बवाल हुआ। गुस्साए परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच कहासुनी के बाद स्कूल में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की गई। बाद में लोगों ने संजय नगर मिनी बाईपास रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। मारपीट में दोनों तरफ के कई लोगों को चोटें आई हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की तबियत खराब होने पर स्कूल वाले न तो उसे डाक्टर के पास ले गए, न उन्हें समय से खबर दी।
गोपाल नगर निवासी मुकेश का आठ वर्षीय बेटा हिमांशु उर्फ नानू पड़ोस के मोहल्ला संजय नगर स्थित आरके कान्वेंट जूनियर हाईस्कूल में सेकेंड क्लास का छात्र था। रोजाना की तरह सोमवार सुबह सात बजे हिमांशु स्कूल गया। स्कूल में अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। पड़ोस में रहने वाले एक बच्चे ने दोपहर को घर पहुंचने पर हिमांशु के बीमार होने की खबर उसके घर जाकर दी। मां कंचन ने स्कूल में जाकर देखा तो हिमांशु की हालत बिगड़ी हुई थी। वह फौरन बेटे को अपने साथ घर ले आईं। कंचन ने पड़ोसियों की मदद से हिमांशु को मॉडल टाउन में निजी चिकित्सक को दिखाया। बच्चे हालत ज्यादा बिगड़ी देखकर डाक्टर ने इलाज से मना कर दिया। इसके बाद उसे कई अस्पतालों में ले जाकर दिखाया गया। आखिर में एक निजी अस्पताल में हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर घर लौट गए।
मंगलवार की सुबह सात बजे मुकेश परिजनों के साथ शिकायत करने आरके कान्वेंट स्कूल गए। उस वक्त स्कूल में प्रबंधक राम बहादुर, प्रिंसिपल श्वेता समेत पूरा स्टाफ और बच्चे मौजूद थे। मुकेश का आरोप है कि उसकी शिकायत करने के बजाय स्कूल वाले धक्का देकर भगाने लगे, जिससे कहासुनी हुई। इसका पता लगने पर मुकेश के आसपास वाले कई लोग स्कूल पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। भीड़ ने स्कूल में रखे गमले और फर्नीचर तोड़ डाले। बवाल होता देख स्कूल में बच्चे घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। मारपीट में स्कूल प्रबंधक के भतीजे सत्यवीर और मुकेश के पड़ोसी नन्हे समेत कई लोगों को चोटें आईं।
यहां से निकलकर मुकेश और उनके सहयोगियों ने संजय नगर मिनी बाईपास रोड पर जाम लगा दिया। थाना बारादरी इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पोस्टमार्टम में मिले जहर के लक्षण
हिमांशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। पोस्टमार्टम में म्यूकोसा (आहार नाल), लीवर और आर्गन्स कंस्जेस्टेड (जहर के लक्षण) पाए गए। पेट में खाना नहीं पाया गया। केवल चॉकलेट कलर का फ्लूड पाया गया। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
फोन नंबर नहीं था परिजनों का : प्रिंसिपल
आरके स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता का कहना है कि सुबह दस बजे हिमांशु को उल्टी हुई। चूंकि स्कूल में बच्चे के घर का फोन नंबर उपलब्ध नहीं था, इसलिए पड़ोस में रहने वाले बच्चे के जरिए घर वालों को सूचना भिजवाई गई।
बच्चे की मां ने कहा, न डाक्टर को दिखाया, न समय से खबर दी
बच्चे की मां कंचन का कहना है कि स्कूल जाने के समय हिमांशु की तबियत बिल्कुल ठीक थी। दोपहर करीब 12 बजे छुट्टी होने पर पड़ोसी गंगादेई के बेटे सर्वेश ने घर जाकर हिमांशु की तबियत खराब होने की जानकारी दी। कंचन ने कहा कि स्कूल में हिमांशु बेसुध हालत में मिला। उसका स्कूल बैग उल्टी में सना हुआ था। बच्चों ने बताया कि हिमांशु की तबियत आठ बजे ही खराब हो गई थी। मगर स्कूल वाले न हिमांशु को डाक्टर के पास ले गए, और न ही समय से घर खबर दी।
दोनों पक्षों ने दी थाने में तहरीर
आरके कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता और छात्र हिमांशु के पिता मुकेश की तरफ से तहरीर थाना बारादरी में दी गई है। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। मगर दोनों पक्ष मुकदमा लिखाने के इच्छुक नहीं हैं। उनके बीच समझौते की बात चल रही है।