एसआईएस के सबइंस्पेक्टर केपी सिंह ने शुरू की तफ्तीश
संदेह के दायरे में आए लोगों से फिर होगी कड़ी पूछताछ
सिटी रिपोर्टर
बरेली। मीडिया कर्मी विकास बनर्जी मर्डर केस की फाइल एक बार फिर खुल गई। इस बार तफ्तीश एसआईएस के सब इंस्पेक्टर केपी सिंह को दी गई है। घटना का जल्द खुलासा हो इसके लिए एसटीएफ भी लगी। संदेह के दायरे में आए लोगों से फिर कड़ी पूछताछ की जाएगी।
मीडिया कर्मी विकास बनर्जी बनारस के गणेश नगर मोहल्ला निवासी बैंक मैनजर वीके बनर्जी का इकलौता बेटा था। यहां पवन विहार कॉलोनी में किराए पर रह कर एक न्यूज चैनल में काम करता था। 11 फरवरी 2008 को विकास बनर्जी गायब हुआ था। अगले दिन आंवला इलाके में पथरा गांव के पास जंगल में लावारिस लाश पड़ी मिली थी, जिसकी चार दिन बाद शिनाख्त माता-पिता ने कपड़ों के आधार पर की थी। आंवला थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ था, जिसकी तफ्तीश थारा बारादरी को भेज दी गई थी। शुरूआत में कई दिनों मामला काफी गर्म रहा था। मकान मालिक, दोस्तों और नजदीकी लोगों से पूछताछ की गई थी। बारादरी थाने के कई इंस्पेक्टर बदल गए। पुलिस की मदद को एसटीएफ भी लगाई गई थी, लेकिन यह तफ्तीश एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी। बीते साल तफ्तीश एसआईएस को ट्रांसफर कर दी गई थी। मगर विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर मामला दब गया।
नए अफसरों के चार्ज संभालने के समय प्रेस कांफ्रेंस में विकास बनर्जी मर्डर केस का मुद्दा उठा था। एसएसपी डॉ. संजीव गुप्ता ने फाइल तलाश कराई और खुद पूरे मामले के समझा। इसके बाद एसएसपी ने तफ्तीश एसआईएस के तेज तर्रार सबइंस्पेक्टर केपी सिंह को दी। उन्होंने घटना से जुड़ी जरूरी जानकारियां जुटाना शुरू कर दिया है। एसआई सिंह के मुताबिक पहले वह संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ की जाएगी।