बरेली। अजीम सूफी बुजुर्ग कुतबे आलम हजरत मौलाना शाह नियाज अहमद साहब किबला के दस रोजा उर्स का कुल शरीफ हुआ और खास तबर्ररुक तकसीम किया गया। रात को इशा की नमाज के बाद मौला अली मुशकिल कुशा का दस्तरख्वान सजा जिसमें तमाम लोग खानकाह शरीफ में हाजिर हुए।
आखिरी दिन तमाम सूफियाना रिवायत बडे़ ही अकीदत और एहतराम के साथ जेरे सरपरस्ती हजरत शाह मुहम्मद हसनैन व नायब सज्जादा नशीन हजरत मेंहदी मियां व जेरे इंतजाम खानकाहे नियाजी के प्रबंधक जनाब शब्बू मियंा नियाजी के पेश किए गए। मजारात पर हाजरी का नजर नियाज गुल पोशी और चादरपोशी का सिलसिला जारी रहा।