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बेटियां अन्याय का विरोध कर बन सकती हैं अपराजिता

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बरेली। बेटियों को सशक्त कर अपराजिता बनाना है तो उनको अन्याय का विरोध करना होगा। वे हर चुनौती पार कर कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचने का हौसला रखती हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी बेटियां मुस्कुराना जानती हैं। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय जसौली प्रथम नगर क्षेत्र में सीओ सेकंड सीमा यादव ने कुछ इन्हीं अंदाज में बेटियों का हौसला बढ़ाया। कहा, जमाना बदल चुका है। बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। जरूरत उन्हें सपोर्ट करने की है।
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सीमा यादव ने अपनी बात बेसिक शिक्षा से शुरू करते हुए कहा कि घर में बेटा-बेटी हैं तो उनकी परवरिश में अंतर दिखता है। बेटा कान्वेंट स्कूल तो बेटी को छोटे स्कूल में भेजा जाता है। अभिभावकों को अपनी सोच बदलनी होगी। जिसका समर्थन छात्राओं ने भी किया। उन्होंने कहा कि बेटी बारहवीं तक पढ़ ली तो समझो सशक्त बनने का आधा सफर उसने तय कर लिया। अशिक्षित महिलाओं को ही ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ता है। कहा, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का विरोध करना सीखें। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 और 1090 की भी जानकारी दी। कहा, रास्ते या स्कूल में कोई परेशान कर रहा है तो इसकी जानकारी अभिभावकों को दें या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर बताएं। चुप रहना ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने के सामान है। उन्होंने सेल्फ डिफेंस की भी जानकारी दी। छेड़छाड़ अथवा अपहरण के दौरान सबसे पहले कैसे बचें इससे बचने का प्रैक्टिकल दिखाया।

विरोध करना भी सीखें छात्राएं
सीमा यादव ने छात्राओं को खुद पर विश्वास रखने और गलत चीज विरोध करने का सुझाव दिया। प्रधानाचार्य हरीश बाबू शर्मा ने बेटियों को सशक्त करने के लिए शिक्षा पर जोर दिया। कहा, बेटियां आईएएस, आईपीएस और सैन्य अधिकारी बन रही हैं। इसलिए पढ़ें और आगे बढ़ें। उन्होंने अपराजिता अभियान संकल्प की शपथ भी दिलाई। आयोजन के दौरान मोहम्मद फहीम, मदन गोपाल यादव, प्रभु दयाल गुप्ता, एसएमसी अध्यक्ष गुलेराना मौजूद रहीं।
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अपराजिता अभियान को सराहा
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रिटायर्ड टीचर मोहम्मद अनवर खां द्वारा अमर उजाला अपराजिता मुहिम पर लिखी कविता का पाठ छात्राओं ने किया। पढ़ा-‘घर की शान देश की जान है अपराजिता, कभी न झुकें कभी न डरें अपराजिता, मर्म, त्याग, बलिदान की मिसाल अपराजिता, भारत की हर नारी बनी रहे अपराजिता’। साथ ही, ‘लड़का लड़की एक समान, बेटा बेटी एक समान, मेरे भैया बात मान, मेरी बहना बात मान’, गीत प्रस्त़ुत किया। जिसको खूब सराहा गया।
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