बरेली। महाकुंभ मेले में मची भगदड़ और मौतों से सबक लेकर पुलिस विभाग नए रिक्रूटों को प्रशिक्षण देगा। बरेली पुलिस के सामने इस बार 800 रिक्रूटों का प्रशिक्षण कराने की चुनौती है। इन्हें भी भीड़ प्रबंधन जैसी स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण अत्याधुनिक संसाधनों से दिया जाएगा। एसएसपी इसके लिए युद्धस्तर पर तैयारियां करा रहे हैं।
जिले में अब तक एक बार में अधिकतम 300 रिक्रूट को प्रशिक्षण दिया जाता था। पहली बार यहां 800 रिक्रूट को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इससे पहले एसएसपी को उनके प्रशिक्षण के संबंध में स्थानीय स्तर पर व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया है। अब तक अधिकतम 300 रिक्रूटों को पढ़ाने के लिए पुलिस लाइन में दो कक्ष की व्यवस्था थी। संख्या बढ़ने पर कम पड़ रहे हैं तो पुलिस मॉर्डन स्कूल के नवनिर्मित कमरों का उपयोग किया जाएगा। कुल 13 कक्षाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही सभी कक्षाओं में बड़े प्रोजेक्टर लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके जरिए नए आरक्षियों को भीड़ प्रबंधन का तरीका सिखाया जाएगा। इसमें कुंभ मेले के वीडियो भी चलाए जाएंगे। जब भीड़ की वजह से तीस से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इतने रिक्रूट को ठहराने के लिए बैरक भी कम पड़ रही हैं, इसलिए फाइबर बैरक की भी व्यवस्था की जा रही है।
छह की बजाय नौ माह होगा प्रशिक्षण : आर्य
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस के सामने साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन से लेकर कई नई चुनौतियां पेश आ रही हैं। ऐसे में प्रशिक्षण का तरीका और समय अवधि दोनों ही बढ़ाई जा रही है। पहले आरक्षी पद के लिए छह माह का प्रशिक्षण दिया जाता था, अब इसकी अवधि नौ माह कर दी गई है। साथ ही प्रशिक्षण ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन मोड में भी किया जाएगा। कुल मिलाकर नए आरक्षियों को आने वाले वर्षों की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाना है। साइबर क्राइम से निपटने को तकनीकी ज्ञान भी दिया जाएगा।