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75 फीसदी संक्रमित केवल शहर में

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जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी भीड़ - अमर उजाला
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बरेली। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तैयार की गई प्रभावित क्षेत्रों की सूची से जो आंकड़ा सामने आया है, वह भीड़भाड़ से अटे शहर के लिए बेहद गंभीर है। 15 दिनों में दर्ज सात सौ सक्रिय संक्रमितों में 75 फीसदी संक्रमित बरेली शहर के रहने वाले हैं। इनमें सिविल लाइंस, मॉडल टाउन और राजेंद्रनगर को हॉटस्पॉट माना जा रहा है। ग्रामीणों इलाकों में सबसे ज्यादा संक्रमित मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और नवाबगंज के हैं।
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कोरोना की पहली लहर में भी सिविल लाइंस के लोग सबसे ज्यादा संक्रमित मिले थे। दूसरी लहर में राजेंद्रनगर हॉटस्पॉट बना था। तीसरी लहर में एक बार फिर सिविल लाइंस का रामपुर गार्डन, कालीबाड़ी, आवास विकास, जेल रोड, जंक्शन और सुभाषनगर का इलाका अतिसंवेदनशील माना जा रहा है। आईडीएसपी इंचार्ज और सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, सिविल लाइंस में हर दिन 15 से ज्यादा लोग संक्रमित मिल रहे हैं। दूसरे स्थान पर मॉडल टाउन है, जहां संक्रमण के करीब 10-12 केस और राजेंद्रनगर में छह से आठ केस प्रतिदिन मिल रहे हैं। इन इलाकों में लोगों से लगातार सतर्क ता बरतने की अपील की जा रही है।
डॉ. गौतम ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें से मीरगंज सबसे ज्यादा प्रभावित है। दूसरे स्थान पर फतेहगंज पश्चिमी और तीसरे पर नवाबगंज का क्षेत्र है। हालांकि, यहां हर दिन महज चार से पांच ही केस मिल रहे हैं। बताया कि संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई और निगरानी के लिए इन इलाकों में संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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घर-घर सर्वे कर तलाशे जाएंगे संदिग्ध मरीज
कोरोना संक्रमण के लिहाज से अतिसंवदेनशील क्षेत्रों को हॉटलिस्ट में दर्ज कर उनमें घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम लोगों से उनके स्वास्थ्य के साथ ही यह भी पूछेगी कि वे किसी संक्रमित के संपर्क में तो नहीं आए हैं। संक्रमित के संपर्क में आने वाले सभी संदिग्धों की रिपोर्ट तैयार कर उनकी भी सैंपलिंग कराई जाएगी। अगर कोई संक्रमित किसी अन्य स्थान का रहने वाला है तो उसकी भी कोरोना जांच रैपिड रिस्पॉन्स टीम के सहयोग से कराई जाएगी। उसके संपर्क में आने वालों को भी ट्रेस किया जाएगा। ताकि संक्रमण की चेन थम सके।
सबसे ज्यादा संक्रमित दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले
सर्विलांस टीम के रिकॉर्ड के मुताबिक 15 दिनों में इन इलाकों में मिल रहे ज्यादातर संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री मिल रही है। जो पिछले दिनों किसी न किसी वजह से संवेदनशील जिलों अथवा राज्यों में गए थे। वहां से लौटने पर पॉजिटिव मिले हैं। इन इलाकों में कारोबारी, अफसर, शिक्षक, विभिन्न विभागों के कर्मचारी आदि रहते हैं। लक्षण उभरने तक वह दूसरों के संपर्क में रहे और उन्हें भी संक्रमित कर रहे हैं। लिहाजा, तादाद बढ़ती जा रही है। इन इलाकों में विदेश से लौटने वालों की भी तादाद ज्यादा है।
गांवों में जांच कराने से कतरा रहे लोग
डॉ. गौतम ने आशंका जताई है कि गांवों में लोग संक्रमण के लक्षण मिलने के बावजूद जांच नहीं करा रहे हैं। लिहाजा, वहां संक्रमण की दर कम है। मगर, पॉश इलाकों के लोग संदिग्ध लक्षण और दुष्प्रभाव दिखने पर तुरंत जांच करा रहे हैं। संक्रमण की चपेट में आने के बाद होम आइसोलेशन के नियमों का भी गंभीरता से पालन कर रहे हैं और स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में फिलहाल जो भी केस मिल रहे हैं, वे सभी दूसरे राज्यों, जिले के रहने वाले हैं। उन्हें आरआरटी ट्रैक कर रही है।
शहर में 123, गांवों में 65 कंटेनमेंट जोन
कलक्ट्रेट स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 15 दिनों में शहर में 123 और गांवों में 65 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। इन इलाकों में निरोधात्मक कार्रवाई के तहत हर दिन आईईसी और बीसीसी यानी संक्रमितों के संपर्क में रहे लोगों की ट्रैकिंग, उनकी सैंपलिंग का कार्य चल रहा है। हर दिन करीब 36 सौ लोगों की कोविड की जांच कराई जा रही है। एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने बताया कि आई ट्रिपल सी द्वारा शासनादेश के तहत प्रतिदिन मिल रहे संक्रमितों को कॉल कर उनकी सेहत की जानकारी ली जा रही है।
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