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नाली में मलबा, सड़क पर पानी

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नाले में भरा मलबा, मीरा की पैठ में जलभराव
दुकान के अंदर नाले का अवैध कब्जा तोड़ा, बाकी छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
मीरा की पैठ में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में अवैध कब्जे ध्वस्त किए लेकिन मलबा नहीं हटाया, जिसके कारण नाले-नालियां चोक हो गई हैं। सोमवार को हुई बारिश से इलाके की सड़कें तालाब बन गईं। इधर, नगर निगम ने जिन लोगों को अपना अवैध कब्जा खुद हटाने की छूट दी थी, वे भी अब उसे न गिराने का इरादा करके बैठ गए हैं। इन लोगों का मानना है कि नगर निगम ने नाले की सफाई के लिए फर्श तो तोड़ ही दिया है, लिहाजा अब मकान के ऊपर का हिस्सा तोड़ने की क्या जरूरत है।
पिछले सप्ताह नगर निगम की टीम ने सैलानी और मीरा की पैठ में लगातार तीन दिन अभियान चलाकर अवैध कब्जे ध्वस्त किए थे। सड़क किनारे पड़ा मलबा तो उठा लिया गया लेकिन नालियों की सफाई नहीं हुई। उनमें अब भी मलबा भरा है, जिसके चलते नालियां चोक हो गई हैं और पानी सड़कों पर आने लगा। इसी बीच सोमवार को बारिश हुई तो हालात बदतर हो गए। मीरा की पैठ पुलिया और इसके आसपास गंदा पानी एक-एक फीट तक सड़क पर भर गया। दिन भर लोग गंदे पानी से निकलने को मजबूर रहे। लोगों ने बताया कि सफाई कर्मी भी मलबा साफ करने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अतिक्रमण तोड़ने वाली टीम ही मलबा उठाएगी। इससे वहां के बाशिंदे परेशान हैं।
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नहीं तोड़ेंगे नाले के ऊपर का निर्माण
अभियान के दौरान मीरा की पैठ पुलिया पर नदीम का घर और दुकान नाले पर बना पाया गया। निगम की टीम ने दुकान का फर्श तोड़कर नाला खोल दिया और उन्हें तीन दिन की मोहलत देकर पूरा निर्माण स्वयं तोड़ने को कहा। मगर अब तक निर्माण नहीं तोड़ा गया है। नदीम का कहना है कि नगर निगम में बात हो गई है। उन लोगों ने कहा है कि सिर्फ नाला साफ करा दो, ऊपर का निर्माण रहने दो। नाले पर लगा शटर भी उन्होंने अब तक नहीं निकाला है, जिससे नाला खुला होने के बावजूद बंद है।
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तीन निशान, फिर भी कब्जा बरकरार
नदीम के सामने ही एक और चौड़ा नाला है। इस पर भी मकान बना है। अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने इस पर तीन जगह चिह्नांकन कर मो. शावेज की दुकान और कमरुद्दीन के घर पर लाल निशान लगाए मगर अब तक यह निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया है। लोगों का कहना था कि कब्जा करने वाले एक केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार हैं इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।
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