हॉटस्पॉट इलाकों में राशन, जरूरी सामान की दिक्कत
बरेली। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हॉटस्पॉट लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार शाम तक जिले में 55 हॉटस्पॉट बनाए जा चुके थे। अब सात नए संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है। पूरे दिन बांस-बल्ली लगाकर इलाकों को सील करने की कार्रवाई चलती रही। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लोगों को राशन आदि जरूरी सामान मिलने में दिक्कत आ रही है।
शुक्रवार को पुलिस लाइन, बिहारीपुर, राजनगर, पवन विहार आदि इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित होनेे के बाद सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पूरे दिन यह सिलसिला चलता रहा। संबंधित थाना, चौकी की पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से बैरियर लगवाती रही। हजियापुर, एजाजनगर गौंटिया, अशरफ खां छावनी आदि इलाकों में हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। इनमें लोगों को जरूरी सामान की होम डिलीवरी करने का भरोसा दिलाया गया है, लेकिन कई जगह लोगों को जरूरत के मुताबिक खाने पीने का सामान नहीं मिल रहा है।
प्रेमनगर थाने का रास्ता सील
प्रेमनगर थाने को जाने वाले रास्टे पर बैंक ऑफ बड़ौदा वाली गली में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद वहां हॉटस्पॉट बनाया गया है। धर्मकांटा चौराहे से थाने की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरियर लगाकर पुलिस बैठा दी गई है। हालांकि बगल में धर्मकांटे से होकर वाहन निकल रहे हैं। आगे गाला एजेंसीज और अर्बन बैंक के पास भी बैरियर लगाए गए हैं। राजनगर में पीलीभीत रोड से आने वाले रास्ते को सील किया गया है। इन रास्तों पर लोगों को काफी घूमकर जाना पड़ रहा है।
लाइन में स्टाफ नहीं, बांस बल्ली की भी दिक्कत
शुरू में हॉटस्पॉट बनाए जाने पर संबंधित थानों और चौकियों के स्टाफ से काम चलाया जा रहा था। हॉटस्पॉट बढ़ने पर पुलिस लाइन का स्टाफ भी निगरानी और देखरेख में लगा दिया गया। अब लाइन में भी स्टाफ का टोटा हो गया है। वहां सामान्य काम करने के लिए स्टाफ नहीं है। पुलिस को हॉटस्पॉट के मानक के हिसाब से बांस-बल्ली नहीं मिल पा रहे हैं। पहले एक हॉटस्पॉट से उखाड़कर बांस बल्ली दूसरी जगह लगाए जा रहे थे, अब लगातार नए हॉटस्पॉट बनने से यह समस्या बढ़ गई है। स्थानीय लोगों से बांस-बल्ली लेकर रास्ता बंद करने की कवायद भी चल रही है।
हजियापुर हॉटस्पॉट में यूं तो एक गली से जुड़ा थोड़ा सा इलाका ही सील है पर यहां के वाशिंदों को अभी होम डिलीवरी सिस्टम के बारे में नहीं बताया गया है। अधिकांश गरीब लोग हैं जिनके पास मोबाइल तक नहीं है। अंदर ही दुकान खोलकर सावधानी से जरूरी सामान देने की व्यवस्था होनी चाहिए। - चांद बाबू
एजाज नगर गौंटिया इलाके के हॉटस्पॉट में होम डिलीवरी से राशन व जरूरी चीजें मिलने की सुविधा बेहतर नहीं है। दवाइयां लेने के लिए भी लोगों को दूर जाना पड़ता है तब बाहर बैठी पुलिस परेशान करती है। वैसे कोरोना केस बढ़ने के बाद लोग खुद संभलकर निकल रहे हैं। - अल्ताफ हुसैन