बरेली। 15 दिसंबर से रद्द राज्यरानी एक्सप्रेस समेत सात ट्रेनें बुधवार से चलना शुरू होंगी। रेलवे ने कोहरे और ठंड की वजह से ट्रेनों को रद्द कर दिया था। बाद में सभी ट्रेनों को कुंभ में श्रद्धालुओं के लिए लगा दिया गया था। ट्रेनों के चलने से यात्रियों को राहत मिली है।
रेलवे ने 15 दिसंबर से जनता एक्सप्रेस, बरेली वाराणसी, फरक्का, हरिहरनाथ, शहीद, राज्यरानी, आनंद विहार सियालदह, मुगलसराय समेत एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि कोहरे में ट्रेनें काफी लेट होती हैं, जिससे सुपरफास्ट और महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन समय पर नहीं हो पाता। हालांकि यह ट्रेनें 15 जनवरी तक ही रद्द की गई थीं। इसके बाद ट्रेनों को कुंभ में श्रद्धालुओं के लिए लगा दिया गया। एक महीने पहले रेलवे ने जनता एक्सप्रेस और मुगलसराय एक्सप्रेस का संचालन शुरू कर दिया। धीरे-धीरे बाकी ट्रेनों का संचालन 30 अप्रैल तक रोक दिया गया। अब रेलवे ने एक मई से सभी ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। इनमें बरेली वाराणसी, फरक्का, हरिहरनाथ, शहीद, राज्यरानी, आनंद विहार सियालदह, कटिहार दिल्ली का संचालन शामिल हैं। यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत मेरठ सिटी लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के न चलने से थी।
64 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन 11 मई से
रेलवे ने मुरादाबाद, अंबाला, दिल्ली और लखनऊ डिवीजन की 64 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन दस मई तक के लिए रोक दिया है। यह ट्रेनें लंबे समय से रद्द चल रही हैं। रेलवे ने ट्रेनों के न चलने का कारण स्टाफ की कमी बताया है। हालांकि पैसेंजर ट्रेनों के न चलने से छोटे स्टेशन के यात्रियों को काफी दिक्कत है।
राजधानी समेत कई ट्रेनें घंटों लेट, यात्री रहे परेशान
ट्रेनों की लेट लतीफी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को न्यू जलपाई गुड़ी 13, कुंभ एक्सप्रेस साढ़े चार, पंजाब मेल पांच, दून एक्सप्रेस दो, जननायक एक्सप्रेस छह और अकाल तख्त एक घंटा लेट रही। यात्रियों को आश्चर्य उस समय हुआ, जब नई दिल्ली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस एक घंटा देरी से जंक्शन पहुंची। दरअसल, देश की सभी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों पर रेलवे बोर्ड की सीधी मानीटरिंग होती है। धनेटा और भिटौरा सेक्शन के बीच ट्रेन से महिला कटने पर सियालदह, गुवाहाटी और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें एक से दो घंटे देरी से जंक्शन पहुंचीं।