जीआरपी ने जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में बेतरतीब खड़े ऑटो चालकों को खदेड़ दिया। इससे यात्रियों ने काफी राहत महसूस की। दरअसल, जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में ऑटो चालकों ने कब्जा जमा रखा है, इस कारण यात्रियों को आने जाने में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार तो उनकी ट्रेन तक छूट जाती थी। यात्रियों ने कई बार शिकायत स्टेशन अधीक्षक से की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।
जीआरपी थाने का चार्ज संभालते ही इंस्पेक्टर अनूप शर्मा ने यात्रियों की इस समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने जानकारी ली तो पता चला किसी भी ऑटो चालक के पास सर्कुलेटिंग एरिया में खड़े होने की वैध अनुमति नहीं है। टेंपो चालक या सवारियों के साथ कोई घटना होने पर कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। ट्रेन आने पर चालक वेटिंग हॉल और एंट्रेस गेट के सामने सवारियां भरने के लिए आड़े तिरछे ऑटो खड़ा कर देते थे। रास्ता बंद होने और भीड़भाड़ अधिक होने पर कई बार यात्रियों की ट्रेनें छूट जाती थीं। शनिवार को उन्होंने सभी ऑटो सर्कुलेटिंग एरिया से खदेड़ दिए। इससे सर्कुलेटिंग एरिया खुला-खुला नजर आने लगा।
पार्किंग नहीं सिर्फ सवारी उतारो और जाओ
सर्कुलेटिंग एरिया में ऑटो रिक्शा का स्टैंड नहीं है, लेकिन अभी तक जीआरपी प्रीपेड बूथ के नाम पर सौ रुपये हर महीने वसूलती थी। जंक्शन पर करीब एक हजार ऑटो रिक्शा हैं। तत्कालीन जीआरपी इंस्पेक्टर विजय कुमार का कहना था कि यह रुपये सरकारी खाते में जमा होता है। दो महीने से जीआरपी ने प्रीपेड शुल्क लेना बंद कर दिया है। एक साल पहले जंक्शन पर साइकिल स्टैंड ठेकेदार हर टैंपो से 40 रुपये वसूलते थे, इसमें केवल 1001 रुपये सीआईटी ऑफिस में जमा होता था। ठेका खत्म होने के बाद भी वसूली बदस्तूर जारी रही। चार महीने पहले टैंपो चालकों ने हंगामा काटा तो ठेकेदार ने वसूली बंद कर दी।