लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच कॉमर्शियल सिलिंडर की बाट जोह रहे कारोबारियों को फिर झटका लगना तय है। 50 फीसदी होटलों, रेस्टोरेंट व ढाबों के पास कॉमर्शियल कनेक्शन नहीं हैं। ऐसे में उनको सिलिंडर नहीं मिल पाएंगे।
होटल वेलफेयर एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में करीब दो सौ होटल हैं। इनमें से 80 होटलों में ही ठहरने के साथ भोजन की सुविधा है। 10 होटलों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन हैं। बाकी में एलपीजी का ही प्रयोग होता है। इनमें से 50 फीसदी से ज्यादा होटलों के पास कॉमर्शियल एलपीजी कनेक्शन ही नहीं है। ऐसे में उन्हें कॉमर्शियल सिलिंडर के बढ़े कोटा का लाभ नहीं मिलेगा।
बताते हैं कि एलपीजी की किल्लत से पूर्व सिलिंडर के लिए आपाधापी की स्थिति नहीं थी। गैस एजेंसियों की मिलीभगत से उनको सिलिंडर मिल जाते थे। अब कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने और घरेलू सिलिंडरों की ओटीपी से डिलीवरी शुरू होने के बाद उनको सिलिंडर मिलने बंद हो गए। अंदेशा है कि बिना कनेक्शन वाले होटलों में घरेलू सिलिंडरों का धड़ल्ले से उपयोग होता था। अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
80 फीसदी ढाबों पर नहीं हैं कॉमर्शियल कनेक्शन
पीलीभीत बाइपास, मिनी बाइपास, शाहजहांपुर और बदायूं रोड की ओर करीब दो सौ से ज्यादा ढाबे हैं। सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद ये अंगीठी और चूल्हे पर भोजन पकाने की व्यवस्था में जुट गए हैं। पीलीभीत बाइपास पर स्थित ढाबे के संचालक ने बताया कि सिलिंडर के लिए पहले कनेक्शन की जरूरत नहीं थी। अब जरूरत है तो नए कनेक्शन नहीं हो रहे हैं।
कॉमर्शियल और घरेलू दोनों के नए कनेक्शन पर रोक
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टि्रब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, शासन के निर्देशानुसार घरेलू या कॉमर्शियल दोनों के ही नए कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं। जिन लोगाें या प्रतिष्ठानों के पहले के कनेक्शन हैं, उन्हीं को बुकिंग पर सिलिंडर मुहैया कराया जा रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर भी सिर्फ उन्हीं कारोबारियों को मिलेगा, जिनके पास पहले से कनेक्शन है।
आउटसोर्स से कर रहे भोजन की व्यवस्था
40 फीसदी होटलों में भोजन की सुविधा नहीं है। गैस की किल्लत के बाद ज्यादातर होटलों में सिर्फ कमरे ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कुछ होटल आउटसोर्स से भोजन की व्यवस्था करा रहे हैं। - डॉ. अनुराग सक्सेना, अध्यक्ष, होटल वेलफेयर एसोसिएशन
एलपीजी सिलिंडर न मिलने से कैटरिंग का कार्य ठप है। ऑर्डर रद्द करने पड़ रहे हैं। सिलिंडर नहीं मिलने से अब ढाबे में अंगीठी का प्रयोग करना पड़ रहा है। कारोबार 60 फीसदी प्रभावित हो गया है। - सूरज गुप्ता, ढाबा संचालक, बदायूं रोड
पीएनजी लाइन बिछने के दौरान ही होटल में कनेक्शन ले लिया था। इसलिए होटल में भोजन संबंधी कोई दिक्कत नहीं है। एलपीजी की किल्लत सभी को है, इसलिए अबकी बार बुकिंग भी कम है। - पुनीत सक्सेना, होटल मैनेजर, सिविल लाइंस
वर्जन
घरेलू या कॉमर्शियल श्रेणी के नए एलपीजी कनेक्शन प्रतिबंधित हैं। कॉमर्शियल कोटा से उन्हीं प्रतिष्ठानों को सिलिंडर दिया जाएगा, जिनके पास पहले से कॉमर्शियल कनेक्शन है। अगर कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। - मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी