कॉलेजों की लापरवाही के कारण सैकड़ों छात्रों का साल बर्बाद हो जाएगा। कॉलेजों में एडमिशन लेने के बाद उनकी सीट ही लॉक नहीं की। अब छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। वेबसाइट पर फॉर्म न खुलने के बाद अब कॉलेज विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों की सीट लॉक कराने से मना कर दिया है। कहा कि गलती कॉलेज की है।
विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद कॉलेजों को मेरिट बनाकर प्रवेश लेने थे। उसके बाद कॉलेज स्तर पर ही ऑनलाइन सीट लॉक होनी थी। लेकिन कॉलेजों ने एडमिशन के बाद सीट लॉक नहीं की। छात्रों को पूरे साल पढ़ाया, जब फॉर्म भरने की बारी आई तो पोर्टल से छात्रों का डाटा ही गायब मिला। अब तक कुछ प्रोफेशनल कोर्स में यह दिक्कत आ रही थी। अब बीए, बीएससी, बीकॉम में भी तमाम मामले सामने आ रहे हैं। छात्रों ने जब हंगामा किया तो कॉलेज वालों ने विश्वविद्यालय की दौड़ लगाई। यहां आकर पता चला कि उनके एडमिशन लॉक नहीं किए गए। बुधवार को ही कई कॉलेज इस तरह के मामले लेकर पहुंचे। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब सीट लॉक कराने से साफ मना कर दिया। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान कॉलेजों ने सीट लॉक नहीं की। यह गलती उनकी है। अब विश्वविद्यालय स्तर पर कुछ नहीं हो सकता।