मानसून के दस्तक देने के बावजूद रुहेलखंड क्षेत्र में अभी उम्मीद के मुताबिक बारिश शुरू नहीं हो पाई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून खंडित होने की वजह से बादल बनने पर भी बारिश नहीं हो रही। लेकिन जल्द ही तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है।
शनिवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में तेज धूप निकली। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक था। न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य था। शाम को हवा चली और हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन खुलकर बारिश नहीं होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएं चल रही हैं। बीते दो दिनों में ज्यादा बारिश की उम्मीद थी। उसी के अनुरूप पहाड़ों पर बारिश हुई भी, लेकिन रुहेलखंड मंडल ऐसी बारिश नहीं हुई। डा. कुशवाहा ने बताया कि अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडित मानसून पहुंचा है। इसलिए कुछ एक स्थानों पर बारिश हो रही है तो कहीं बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि मानसून की दृष्टि से अगले तीन दिन महत्वपूर्ण हैं। इसमें बादल बनेंगे। तेज हवा चलेगी और बारिश होगी।