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Bareilly News: नौ ठेकेदारों की धरोहर राशि के 26 लाख रुपये खाते से गायब

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बरेली। नगर पंचायत (नपं) सिरौली के खाते में जमा नौ ठेकेदारों की धरोहर राशि के 26 लाख रुपये गायब हो गए हैं। इन ठेकेदारों ने नपं अध्यक्ष चमन सकलैनी और उनके पति अशफाक सकलैनी के खिलाफ धांधली की शिकायत मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से की है। डीएम के आदेश पर एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। इसमें एसडीएम आंवला, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और कोषाधिकारी शामिल हैं। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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आंवला की पूजा तिवारी, गोरी इंफो एंड कंस्ट्रक्शन के नितिन पांडेय, राजकुमार वाल्मीकि, आशू कॉन्ट्रैक्टर शहाबाद रामपुर की बबिता गुप्ता, शब्बीर अहमद, साबरी इंटरप्राइजेज की फूलजहां, फाजिल खां, साकिब हुसैन और सय्यद इंटरप्राइजेज की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। इनका आरोप है कि नपं अध्यक्ष और उनके पति चहेतों के नाम से फर्जी कोटेशन बनवाकर उनकी धरोहर राशि को नगर पंचायत के संबंधित बैंक खाते से निकाल लिया है। यह धनराशि नवंबर, दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में निकाली गई है। इसमें तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राम बचन सरोज के भी शामिल होने का आरोप लगाया है।
ठेकेदारों का कहना है कि उनकी कुल धरोहर राशि 26 लाख रुपये थी। उन्होंने वर्ष 2023-24 में नगर पंचायत क्षेत्र में ई-टेंडर प्रक्रिया में शामिल होकर निर्माण कार्य कराए थे। इसमें दो प्रतिशत धरोहर राशि भारतीय स्टेट बैंक सिरौली में पंचायत के ई-टेंडर खाते में जमा की गई थी। उनकी धरोहर राशि ई-टेंडर खाते से नपं अध्यक्ष, उनके पति और ईओ ने मिलकर फर्जी तरीके से निकाल ली है।
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नपं अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठते हैं उनके पति
सिरौली के मोहल्ला गढ़ी के सोनू कुमार ने भी डीएम से शिकायत कर आरोप लगाया है कि नपं अध्यक्ष की कुर्सी पर उनके पति बैठते हैं। व्ळ नगर पंचायत के सभी कार्यों में दखल देते हैं। सरकारी फाइलों पर वही अपनी पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर भी बनाते हैं। आरोप है कि नपं अध्यक्ष ने निर्गुन शाह मियां की मजार के पास स्थित चौराहे का सुंदरीकरण और वार्ड 12 में राशिद मियां के मकान से हनीफ के घर तक पीवीसी पाइप लाइन के कार्य का फर्जी भुगतान किया है। संवाद


नगर पंचायत में हमने फरवरी 2024 में ज्वाइन किया था। उस समय जितनी धनराशि पंचायत के ई-टेंडर बैंक खाते में होनी चाहिए थी, उतनी नहीं थी। पूछने पर हमें बताया गया था कि पैसा अन्य निर्माण कार्यों में खर्च कर दिया गया है। - राजन नाथ तिवारी, ईओ, सिरौली
ठेकेदारों के आरोप निराधार हैं। धरोहर राशि इसीलिए ली जाती है कि उनके द्वारा कराए गए कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने पर उसी धनराशि से सुधार कराया जा सके। ऐसा ही किया गया है। जिन ठेकेदारों के काम गुणवत्तापूर्ण थे, उनकी धरोहर राशि लौटाई गई है। - चमन सकलैनी, अध्यक्ष, नपं सिरौली
मैं कांग्रेस का जिलाध्यक्ष हूं और अपने कार्यों में व्यस्त रहता हूं। कभी नगर पंचायत कार्यालय गया भी तो अध्यक्ष की कुर्सी पर कभी नहीं बैठा। हां, उनके कक्ष में पड़ीं अन्य कुर्सियों पर जरूर बैठा। किसी फाइल पर मैंने अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी नहीं बनाए। इस तरह के आरोप पहले भी लगे थे, पर जांच में कुछ नहीं मिला। - मिर्जा अशफाक सकलैनी, नपं अध्यक्ष के पति एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष
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