सेटेलाइट रोड पर आड़े तिरछे खड़े वाहनों ने लगाया जाम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
चौराहे पर रोजाना घंटों लगता है जाम, शहर में खुदी सड़कें भी मुसीबत बन रहीं
बरेली। सेटेलाइट पुल पर फ्लाईओवर बनाने में 26 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। फ्लाईओवर चालू भी हो गया, लेकिन शहर के लोगों को जाम से निजात नहीं मिल सकी। रोजाना सेटेलाइट चौराहे पर घंटों जाम लगता है। दूसरी तरफ शहर के अलग-अलग हिस्सों में खुदी पड़ी सड़कें भी बारिश में लोगों के लिए मुसीबत बन रही हैं।
श्यामगंज से सेटेलाइट तक जाम के हालात सबसे अधिक खराब है। यह सुधर भी नजर नहीं आ रहे हैं। श्यामगंज में जिस तरह अवैध टेंपो स्टैंड बन गया है, उसी तरह सेटेलाइट बस अड्डे के पास भी दिनभर सैकड़ों की तादात में टेंपो खड़े रहते हैं। रही सही कसर सड़क घेरकर खड़ी होने वाली बसें पूरी कर देती हैं। यहां जाम से निजात के लिए ही फ्लाईओवर बनाया गया था लेकिन फ्लाईओवर चालू होने के बाद भी कोई राहत नहीं मिल पा रही है। जाम के हालात जस के तस हैं।
खुर्रम गौंटिया रोड का नहीं हो रहा निर्माण
बियाबानी कोठी से ईसाइयों की पुलिया तक खुर्रम गौंटिया रोड का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस रोड पर वाहनों का आवागमन सबसे अधिक होता है, लेकिन जल निगम ने इसे अधूरा बनाकर छोड़ दिया है। पूरी सड़क पर गहरे गड्ढे हैं। ट्रैफिक दिनभर इन्हीं गड्ढों में फंसा रहता है। जल निगम एक्सईएन संजय कुमार का कहना है कि बारिश के बाद ही अब सड़क का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
उखड़ी सड़कें, अवैध कब्जे जाम का कारण
श्यामगंज में सब्जी मंडी के सामने ही सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। श्यामगंज से विकास भवन की ओर जाने वाली सड़क पर भी गड्ढे हैं। इसके अलावा यहां सड़क की एक लेन पर ठेले वालों ने कब्जा कर रखा है। आजाद इंटर कॉलेज के सामने अवैध टेंपो स्टैंड बन गया है। इससे यहां हर समय वाहन जाम में फंसे रहते हैं। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि नगर निगम ने वहां कोई स्टैंड नहीं बनाया है। वह इस बारे में पुलिस को कई बार बता चुके हैं। कब्जे और टेंपो स्टैंड हटवाना पुलिस का काम है।