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एसबीआई ने ब्याज सहित दिया भुगतान

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अमर उजाला इंपैक्ट:
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एसबीआई मैनेजर ने ब्याज सहित
सवा साल बाद किया भुगतान
- एसबीआई ब्रांच मैनेजर पर भी होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
भारतीय स्टेट बैंक फरीदपुर ब्रांच के मैनेजर ने आखिर सवा साल बाद चेक भुगतान ब्याज सहित खातों में डाल दिया। उधर, उच्च प्रबंधन ने पूरे मामले में जांच शुरू करा दी है, इसलिए दोषी मैनेजर पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
वैसे तो एसबीआई देश का बड़ा और प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान माना जाता है, लेकिन कुछ कारनामे भी कम नहीं हैं। बीते वर्ष अप्रैल में नवीन कालरा ने फरीदपुर निवासी दो काश्तकार नरायन और कालीचरण को अलग-अलग 1.68 रुपये के चेक दिए थे। दोनों चेक यूनियन बैंक कैंट शाखा के थे। दोनों किसानों का खाता फरीदपुर एसबीआई ब्रांच में है, इसलिए चेक ब्रांच में भुगतान हेतु जमा करा दिए। सवा वर्ष बीतने पर भी चेक भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचा तो किसानों ने चेक देने वाले से संपर्क किया। इस पर कालरा ने छानबीन कराई तो पता चला कि एसबीआई मैनेजर ने फरीदपुर यूनियन बैंक ब्रांच से भुगतान सवा साल पहले ही ले लिया था। इस पर सवाल हुआ कि यूनियन बैंक ने क्रास चेक सीधे कैसे कैश कर दिए?
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छानबीन में परतें खुलती रहीं, यूनियन बैक और एसबीआई मैनेजरों की साठगांठ सामने आई। ‘अमर उजाला’ ने इसे प्रमुखता से उठाया तो एसबीआई प्रबंधन सक्रिय हो गया, लेकिन यूनियन बैंक अफसर हाथ पर हाथ पर धरे बैठे हैं। जोनल चीफ मैनेजर जेसी आर्य जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गए हैं और दोनों प्रभावित खातेदारों के खातों में 1.68 रुपये अलग-अलग ब्याज सहित डलवा दिए हैं। साथ ही एसबीआई प्रबंधन ने फरीदपुर ब्रांच मैनेजर पर आरोप पत्र जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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बैंक सूत्रों के मुताबिक संबंधित ब्रांच मैनेजर पर किसानों के 3.36 लाख रुपये अकारण दबाने, समय से भुगतान खातों में जमा नहीं करने देने और अस्थाई गबन आदि के आरोपों में सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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