फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदरों ने किया हमला, नगर निगम के बाबू की छत से गिरकर मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बंदरों के घेर लेने के बाद बचकर भागने की कोशिश कर रहे नगर निगम के जलकल विभाग के बाबू जियाउर रहमान दोमंजिला मकान की छत से अपने घर के आंगन में आ गिरे। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

शाहबाद में रहने वाले 45 वर्षीय जियाउर रहमान उर्फ बबलू बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने आठ बजे अपने दोमंजिला मकान की छत पर कबूतरों को दाना डालने गए थे। इसी बीच आसपास की छतों से आए करीब 25-30 बंदरों के झुंड ने उन्हें घेरकर हमला कर दिया। अचानक बंदरों के हमले से दहशत में आए जियाउर रहमान ने चिल्लाते हुए बचकर भागने की कोशिश की तो संतुलन बिगड़ने की वजह से नीचे आंगन में आ गिरे और गिरते ही बेहोश हो गए। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जियाउर रहमान के भाई जावेद ने बताया कि जिया की पत्नी की भी पौने दो साल पहले बीमारी से मृत्यु हो गई थी। उनका एक बेटा और एक बेटी है। नेकदिल और मददगार स्वभाव के बताए जाने वाले जियाउर की मौत की खबर फैली तो घर पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लग गया। शाम को उन्हें सुपुर्देखाक कर दिया गया।

सौतेली मां लाने को मना किया था, अब पिता भी नहीं रहे
पत्नी की मौत के बाद जियाउर रहमान पर रिश्तेदारों ने काफी दबाव डाला था कि वह दूसरी शादी कर लें, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया था। बताया जाता है कि उनके बच्चों ने भी उन्हें सौतेली मां लाने को मना कर दिया था। बताया जाता है कि तमाम मुश्किलें झेलने के बावजूद जियाउर रहमान बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे लेकिन कुदरत ने उनके बच्चों से उन्हें भी छीन लिया।
विज्ञापन


शाहबाद में बंदरों का आतंक
लोगों ने बताया कि शाहबाद और इससे सटे इलाके में बंदरों का बड़ा आतंक है। बंदरों के कई झुंड यहां छतों और सड़कों पर घूमते हैं। ये कभी भी खाना और कपड़ा उठा ले जाते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। जियाउर रहमान के साथ हुई घटना के बाद जब जावेद पड़ोसियों से मदद मांगने गए तो वे अपना घर खुला छोड़कर बाहर खड़े थे। पता लगा कि घर के अंदर आंगन में बंदरों का झुंड बैठा है। बाद में कई लोगों ने एकजुट होकर बंदरों को खदेड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें