बरेली। मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली पड़ी जमीन पर रोडवेज बस अड्डा बनाने का रास्ता साफ हो गया है। एसडीएम सदर के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने जब इस जमीन का रिकार्ड खंगाला तो वह बंजर में दर्ज मिली। एसडीएम का कहना है कि यह जमीन चारागाह या जलाशय में होती तो इसकी अनुमति शासन से लेने की जरूरत थी, लेकिन बंजर जमीन मिलने से इसका हस्तांतरण डीएम को करने का अधिकार है। अब इस रिपोर्ट को शासन में भेजने की तैयारी है।
उप सचिव कमलेश कुमार सिंह ने डीएम से मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली भूमि पर नया रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता का रिकार्ड मांगा है। इसके तहत प्रशासन को यह रिपोर्ट देनी थी कि बस अड्डा बनाने के लिए प्रस्तावित आठ एकड़ यानी 32340 वर्गमीटर भूमि का गाटावार रिकार्ड क्या है। इसके लिए एसडीएम सदर एमपी सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। साथ ही खतौनी में भी इस जमीन का दर्ज ब्योरा देखने के बाद यह पुष्टि कर दी है कि यह जमीन बंजर ही है। इसलिए डीएम स्तर पर ही यह रोडवेज के पक्ष में हस्तांतरित की जा सकती है।
सीएम प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट के लिए भी तलाशी जा रही जमीन
मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में मीरगंज के आनंदपुर गांव में करीब सौ वर्गमीटर जमीन पर पशु चिकित्सालय और फतेहगंज पूर्वी में रोडवेज बस अड्डे को भी जल्द शुरू होना है। जिला प्रशासन ने इन दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया है। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन का प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
मिनी बाईपास पर रोडवेज की जमीन का सर्वे किया गया है। सर्वे में भूमि बंजर में दर्ज मिली है। यानी इसके लिए शासन से हस्तांतरण की प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं है। सीधे डीएम स्तर पर ही यह औपचारिकता पूरी हो जाएगी।
- एमपी सिंह, उपजिलाधिकारी (सदर)