अप लाइन पर ब्लाक से ट्रेनों की स्पीड पर लगे ब्रेक
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बरेली। आलमनगर से गाजियाबाद और लक्सर तक अप लाइन नौ घंटे के ब्लाक से ट्रेनों की स्पीड पर जगह-जगह ब्रेक लगते रहे, इसके बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
बरेली। बार-बार मेगा ब्लॉक के बावजूद अब तक अप और डाउन लाइन पर पर मेंटिनेंस, ट्रैक और स्लीपर बदलने का काम पूरा नहीं हो सका है। मंगलवार को भी अप लाइन पर आलमनगर से गाजियाबाद तक मेगा ब्लॉक लिया गया। सोमवार को डाउन लाइन पर मेगा ब्लॉक रहा था। इससे पहले शनिवार और रविवार लगातार दो दिन अप लाइन पर मेगा ब्लॉक लिया जा चुका है। मंगलवार को मेगा ब्लॉक के दौरान पटरियों औरस्लीपर की मरम्मत की गई, इसके बाद भी काफी काम अभी काम बाकी हैं।
दिल्ली-लखनऊ अप-डाउन मेन लाइनों को बदलने का काम कई दिन से चल रहा है। अप्रैल महीने में अब तक 20 बार मेगा ब्लॉक लिए जा चुके हैं। मंगलवार को मेगा ब्लॉक के दौरान गरीब रथ, काशी विश्वनाथ, अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, अकाल तख्त एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन प्रभावित हुईं। यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। कोलकाता एक्सप्रेस को दो घंटे देरी से चलाया गया। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को भी देरी से चलाया गया। अन्य ट्रेनों को ब्लॉक की वजह से रास्ते में कई जगह रोकना पड़ा। इधर, ब्लॉक की वजह से शाहजहांपुर-सीतापुर-गोरखपुर पैसेंजर को रोजा से वापस कर दिया गया। इससे सीतापुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कत हो रही है। ट्रेन पकड़ने के लिए काफी यात्री यहां से रोजा पहुंच रहे हैं।
चुनाव के बाद वापस हुई पुलिस को नहीं मिली ट्रेन
शाम छह बजे आम चुनाव खत्म होेने के बाद पुलिस घर वापस जाने को जंक्शन पहुंची। उस समय कोई ट्रेन नहीं थी। वह काफी देर तक इंतजार करते रहे। लखनऊ की ओर जाने वाली शाम साढ़े छह बजे नई दिल्ली राजगीर श्रमजीवी और साढ़े सात बजे नई दिल्ली काशीविश्वनाथ एक्सप्रेस जंक्शन पहुंची। पुलिस स्लीपर कोच में चढ़ गई जिससे रिजर्व यात्रियों को परेशानी हुई। कोच के टीटीई भी पुलिस के सामने असहाय रहे। लखनऊ तक रिजर्व यात्रियों की परेशानी का यही आलम रहा। दूसरी ओर मुरादाबाद जाने के लिए यात्रियों को केवल धनबाद लुधियाना किसान एक्सप्रेस ही मिली।