बरेली। बरेली कॉलेज की विवादित मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग डीएम की सख्ती के बाद निरस्त कर दी गई है, जिसके बाद कमेटी बैकफुट पर आ गई है। फजीहत से बचने के लिए मैनेजमेंट कमेटी भले ही चाहे जो बहानेबाजी करे, लेकिन अब बिना बोर्ड की बैठक हुए मैनेजमेंट की बैठक संभव नहीं। बताते हैं कि डीएम ने मैनेजमेंट कमेटी के अनुमति पत्र पर नोटिंग की है, जिसमें उन्होंने बगैर बोर्ड की बैठक हुए मैनेजमेंट कमेटी की बैठक नहीं होने देने को कहा है।
बताते हैं कि डीएम की नोटिंग के बाद आनन-फानन में मैनेजमेेंट कमेटी की ओर से सभी मेंबर्स को पत्र भेजकर बैठक के निरस्त होनेे की सूचना दी गई। वहीं सचिव देवमूर्ति का कहना है कि एसआरएमएस में कान्वोकेशन में सम्मिलित होने की वजह से बोर्ड बैठक में वह शामिल नहीं हो सकते थे। इसलिए बैठक को निरस्त किया गया है। उन्होंने आगामी दिनों में मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बुलाए जाने का दावा किया है। उधर, अस्थायी कर्मचारियों ने बैठक निरस्त होने के बाद सभागार के बाहर प्रदर्शन कर सचिव को हटाने की मांग की है।
सनद रहे कि आठ फरवरी को बरेली कॉलेज मैनेजमेंट की बैठक होनी थी। बताया जाता है कि विवि की नजर में मैनेजमेंट कमेटी अवैध है और बाकायदा इसकी रिपोर्ट शासन और कमिश्नर को भी भेजी गई थी। फिर भी मैनेजमेंट की बैठक बुलाने पर विवाद खड़ा हो गया था। क्योंकि जब विवि ने मैनेजमेंट कमेटी को अवैध घोषित कर रखा है तो यह बैठक कैसे बुलाई गई और डीएम किस आधार पर इसकी अध्यक्षता करेंगे। ऐसे में डीएम पर भी मैनेजमेंट को बैठक की अनुमति देने पर सवालिया निशान लग रहे थे। वहीं, गुरुवार को डीएम ने बैठक को नियम विरु द्ध बताते हुए नियमानुसार बैठक कराने का सुझाव दिया है। सनद रहे कि मैनेजमेंट की बैठक में 15 सूत्रीय एजेंडा रखा जाना था, जिसमें क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की ओर से कराई गई एफआईआर व अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाना प्रस्तावित था।
इसलिए बैठक को माना अवैध
मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बुलाने पर इसलिए सवाल खड़े हुए कि जब विवि ने ही बायलाज में संशोधन का तथ्य छुपाने के कारण मैनेजमेंट कमेटी को भंग करने की रिपोर्ट शासन और कमिश्नर को भेजी थी। विवि ने कोई तथ्य लिखकर बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष, कमिश्नर को भेज दिया तो फिर किस आधार पर बैठक हो सकती है। सूत्रों के मुताबिकविवि की नजर में प्रबंध समिति अवैध तो क्या डीएम का बैठक की अध्यक्षता करना नियमसंगत है। सूत्रों का कहना है कि इस विवादित बैठक में तमाम विवादास्पद फैसले लिए जाने हैं, ऐसे में डीएम की अध्यक्षता भी विवादों के घेरे में होगी। हालांकि, डीएम की नोटिंग ने मैनेजमेंट कमेटी को बैकफुट पर ला खड़ा किया है।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने ही कोर्ट में कहा कि मैनेजमेंट कमेटी भंग नहीं है। ऐसे में मैनेजमेंट तो अपना काम करेगी। कमेटी के भंग होने का हमें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
- देवमूर्ति, सचिव मैनेजमेंट कमेटी
हमने बरेली कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी को आदेशित किया है कि जब तक कमिश्नर की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक नहीं होगी तब तक मैनेजमेंट की बैठक नहीं हो सकती है। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम