बरेली। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला परिसर में जिला अस्पताल के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर में युवा से लेकर बुजुर्ग तक में गजब का उत्साह देखने को मिला। शिविर में पिता-पुत्री, शिक्षक, व्यवसायी, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी समेत 54 लोगों ने रक्तदान कर महादानी बनने का गौरव प्राप्त किया। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद गंगवार और जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने रक्तदाताओं को अमर उजाला की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
शिविर सुबह दस बजे से शुरू होना था, लेकिन रक्तदाता सुबह नौ बजे से ही श्यामगंज स्थित अमर उजाला परिसर में पहुंचने शुरू हो गए। रक्तदाताओं को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पंजीकरण काउंटर पर ही जिला अस्पताल की टीम पंजीकरण, काउंसलिंग और हीमोग्लोबिन चेक करने में जुटी रही। शिविर में सबसे पहले प्राइवेट शिक्षक योगेश टंडन और कपड़ा व्यापारी सुधीर रस्तोगी ने रक्तदान किया। तेज धूप और गर्मी भी रक्तदाताओं के उत्साह को कम नहीं कर सकीं। शाम पांच बजे तक 54 लोगों ने रक्तदान कर महादानी बनने का गौरव प्राप्त किया। इस दौरान एसपी ट्रैफिक और जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने अमर उजाला की इस मुहिम की मुक्त कंठ से सराहना की।
रक्तदाताओं के जज्बे को सलाम
बरेली। शविर में रक्तदान करने वाले यूं तो सभी रक्तदाता उत्साह से लबरेज दिखाई दिए, लेकिन इनमें कुछ ऐसे भी थेे जो एक-दो नहीं बल्कि कई बार रक्तदान कर चुके हैं। इन रक्तदाताओं का कहना था कि उनका दान किया खून किसी की जिंदगी बचाता है, इसलिए ऐसा करने के बाद उन्हें आत्म संतुष्टि मिलती है। शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं सो अलग।
प्राइवेट शिक्षक योगेश टंडन सुबह 12 बजे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाते हैं, लिहाजा उन्होंने सुबह नौ बजे ही शिविर में पहुंच सबसे पहले रक्तदान किया। तीन साल पहले बड़े भाई केशव को रक्तदान करते देख उन्हें ऐसा करने की प्रेरणा मिली थी। शुक्रवार को उन्होंने तीसरी बार रक्तदान किया। बड़ा बाजार निवासी कपड़ा व्यापारी सुधीर रस्तोगी ने बताया कि 10 साल पहले उनका एक ग्राहक अस्पताल में मौत से लड़ रहा था। उसके परिवार के कई लोग भी उसको खून दे चुके थे। वह उसे देखने पहुंचे थे। खून की बात आई तो उन्होंने तब पहली बार रक्तदान किया। ग्राहक की जिंदगी बच गई। बस यहीं से उन्हें रक्तदान की प्रेरणा मिली और लगा कि इससे बड़ा पुनीत कार्य और कुछ नहीं हो सकता। शुक्रवार को उन्होंने 12वीं बार रक्तदान किया। एलआईसी कर्मचारी 54 वर्षीय राकेश भाटिया भी अनजान लोगों से खून का रिश्ता बनाने के लिए 1989 से नियमित रक्तदान करते आ रहे हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तखिया के प्रधान अध्यापक अविनाश चंद्र सागर अमर उजाला में रक्तदान की खबर पढ़कर पहुंचे और रक्तदान किया। इससे पहले वह नौ बार रक्तदान कर चुके हैं।
पिता-पुत्री ने किया रक्तदान
बरेली। एक सीमेंट कंपनी में कर्मचारी शहर के गंगापुर निवासी मनोज शर्मा अमर उजाला के रक्तदान शिविर में 15वीं बार रक्तदान करने पहुंचे। उनके साथ उनकी पुत्री श्रुति गौड़ (21) पहली बार व पत्नी ज्योति शर्मा पांचवीं बार रक्तदान करने पहुंचीं। पत्नी का बीपी हाई होने के कारण ब्लड बैंक की टीम ने उनका ब्लड नहीं लिया, लेकिन मनोज और श्रुति ने रक्तदान किया।
एसपी ट्रैफिक की रह गई तमन्ना, गनर ने किया रक्तदान
रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने पहुंचे एसपी ट्रैफिक सुभाष गंगवार ने रक्तदाताओं का उत्साह देख खुद भी रक्तदान करने की इच्छा जताई। जांच में उनका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव निकला। इस ग्रुप का ब्लड जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में है, लिहाजा जिला अस्पताल की टीम ने उनका पंजीकरण तो कर लिया, लेकिन उनका ब्लड अगले कैंप में लेने की बात कह उनका ब्लड नहीं लिया। अपने अधिकारी की ब्लड डोनेट करने की दिली इच्छा को देख उनका गनर राहुल मलिक भी अपने को रोक नहीं सका। उसने पहली बार रक्तदान किया।
नेता के साथ रक्तदाताओं के लिए प्रेरणाश्रोत भी
शहर निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलशन आनंद रक्तदाताओं के लिए किसी प्रेरणाश्रोत से कम नहीं हैं। 1972 में दिल्ली में भर्ती अपनी मां के लिए उन्होंने साढ़े 15 साल की उम्र में खून दिया था। उस समय वह खून के लिए काफी परेशान हुए थे। 63 वर्षीय गुलशन आनंद अब तक करीब 100 बार रक्तदान कर चुके हैं। जिला अस्पताल ब्लड बैंक की टीम उन्हें जिले के रक्तदाताओं का प्रेरणाश्रोत बताती है।
ये बने महादानी
कौशल शर्मा, योगेश टंडन, शोभित टंडन, सुधीर रस्तोगी, मिलन तोमर, अविनाश चंद्र सागर, आशीष सक्सेना, सत्यपाल सिंह, कृष्णगोपाल शर्मा, हरदीप सिंह, प्रमोद कुमार, राकेश भाटिया, राहुल मलिक, गौरव सिंघल, अनित गंगवार, श्रुति गौड़, कुंवरसेन, महफूज आलम, अनुराग कुमार गुप्ता, मनोज शर्मा, विनोद शर्मा, अतुल गुप्ता, सौरव गुप्ता, दीपक शर्मा, सोनम उपाध्याय, एसके नीरज, संजय कुमार, सुचेता निगम, ऋषिनाथ सक्सेना, इंद्रजीत सिंह, रत्नेश सक्सेना, गौरव गुप्ता, अनिल पटेल, दिलीप सिंह, राजेंद्र सिंह, कार्तिक शर्मा, सावन सिंह, अमरीश, गुलशन आनंद, अवधेश चौहान, अमित उपाध्याय, तुषार शर्मा, डा. सरताज हुसैन अब्बासी, मुकेश कुमार सक्सेना, सैय्यद मुजतबा अली, मोहित अग्रवाल, सुनील कुमार वर्मा, भारत मूल चंदानी, मुकीस अहमद, राजेश खंडेलवाल, दिनेश कुमार, मनोज गुप्ता, भुवन सिंह, दिनेश शर्मा।