बरेली। एनजीटी के आदेश ताक पर रखकर खुलेआम कूड़े में आग लगाई जा रही है। मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अफसर बेफिक्र हैं। शुक्रवार को डेलापीर तालाब के पास कूड़ा इकट्ठा करके किसी ने आग लगा दी। सुबह से लेकर रात तक वहां से उठने वाला धुआं आबादी में घुटता रहा और लोग परेशान रहे लेकिन कोई भी देखने नहीं पहुंचा।
बृहस्पतिवार को निर्जला एकादशी पर डेलापीर के आसपास शर्बत का प्याऊ लगाया गया था। शुक्रवार को यहां से कूड़ा उठाकर डेलापीर तालाब के पास स्थित डलावघर के बाहर यह सारा कूड़ा इकट्ठा करके सुबह ही किसी ने आग लगा दी। आसपास का अन्य कूड़ा भी इसी पर डाल दिया गया। इसके चलते सुबह से देर रात तक यहां से उठने वाला धुआं पास की पटेल विहार समेत अन्य कालोनियों में भरता रहा। रात तक यहां धुआं से धुंध छा गई और आसपास के लोग परेशान होते रहे। मगर पूरे दिन एनजीटी के आदेश की उड़ती धज्जियों से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम अफसर बेफिक्र रहे।
पास ही पॉलिथीन विरोधी अभियान चलाती रही टीम
नगर निगम की एक टीम शुक्रवार को डेलापीर और आईवीआरआई रोड पर पॉलिथीन विरोधी अभियान चला रही थी। यह टीम इसी रोड से गुजरकर आईवीआरआई रोड पर पहुंची होगी लेकिन किसी ने कूड़े में लगी आग पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इस टीम में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।
कागजों में बंद डलावघर कर्मचारी चलवा रहे
पूर्व नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने यह डलावघर बंद कर दिया था। मगर इस इलाके तमाम अस्पताल होने से उनका प्लास्टिक का कूड़ा भी इसी डलावघर पर आता है। इसके चलते निगम के सफाई कर्मचारी सांठगांठ कर यह डलावघर चला रहे हैं और यहां रोज सुबह कबाड़ बीनकर बिक्री होती है।
लोगों की बात
कूड़े में सुबह से आग लगी हुई है और उसका जहरीला धुआं आबादी में भर रहा है लेकिन नगर निगम के अफसरों को कोई परवाह नहीं है।
- विपिन गुप्ता
पूरे दिन कूड़े से धुआं उठता रहा है। शाम को मैं पीलीभीत गया था, करीब पांच घंटे बाद लौटकर आया हूं लेकिन अब भी स्थिति वैसी ही है।
- कमलेश कुमार
पता नहीं कूड़े के ढेर में किसने आग लगा दी, सुबह से जहरीला धुआं उठ रहा है। इसके चलते दुकान पर भी बैठना मुश्किल हो गया है।
- सुरेश बाबू
कूड़े में थर्माकोल और प्लास्टिक जलने के कारण धुआं उठ रहा है। यह धुआं इतना जहरीला है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
- सोमपाल