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सावधान! ये सुरक्षा खतरा न बन जाए कहीं

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बरेली। जिन प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों से आप अपने घर, दुकान या ऑफिस की सुरक्षा के लिए गार्ड हायर कर रहे हैं, वे आपके लिए खतरा भी साबित हो सकते हैं। शहर में चल रही ज्यादातर सिक्योरिटी एजेंसियों का प्रशासन के पास कोई रिकार्ड ही नहीं है। इन एजेंसियों ने प्रशासन को न अपने गार्डों की लिस्ट दी है न उनके पास मौजूद हथियारों के ब्योरा। सबसे ज्यादा गंभीर यह है कि तमाम एजेंसियां बगैर रजिस्ट्रेशन के ही चल रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कुछ सिक्योरिटी एजेंसी वालों को तलब कर पूछताछ की तो वे रजिस्ट्रेशन तक नहीं दिखा सके। सिटी मजिस्ट्रेट ने अब सभी थानों को अपने क्षेत्र में सर्वे कराकर अवैध एजेंसियों के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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सिक्योरिटी एजेंसी शुरू करने से पहले जरूरी है कि इसका लाइसेंस गृह विभाग से लिया जाए। प्राइवेट सिक्योरिटी रेगुलेटरी एक्ट के तहत यह प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद ही एजेंसी अपने गार्ड को सरकारी और निजी बैंक, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, शिक्षण संस्थानों, प्राइवेट अस्पतालों जैसे स्थानों तैनात कर सकती है। गृह विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी एजेंसी के लिए जरूरी है कि वह अपने सुरक्षा कर्मियों को जो शस्त्र उपलब्ध करा रही है, उनका सत्यापन पुलिस और प्रशासन कराए। इसके उलट कलक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग में एजेंसियों के शस्त्रों के सत्यापन की कोई रिपोर्ट ही नहीं है। ऐसी स्थिति में बड़ा खतरा यह है कि जिन एजेंसियों के गार्ड को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, अगर वे ही कोई आपराधिक घटना को अंजाम देते हैं तो उसका पता लगाना तक कठिन हो जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार के पास कई ऐसी शिकायतें पहुंची थी कि कुछ एजेंसियां बगैर रजिस्ट्रेशन चल रही हैं। कुछ के संचालकों को बुलाकर पूछताछ की गई तो उनके पास लाइसेंस ही नहीं थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने कुछ ही गार्ड के नाम रजिस्टर पर दर्ज कर रखे गए थे। अफसरों का कहना है कि अगर कोई बाहर की एजेंसी भी यहां अपने सुरक्षा कर्मी रखती है तो उसका भी पूरा ब्योरा प्रशासन को देना चाहिए। बहरहाल, सिटी मजिस्ट्रेट ने ऐसी एजेंसियों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू करा दी है।
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मैंने सभी थानेदारों को लेटर जारी किया है कि वे अपने क्षेत्र में काम कर रही निजी सुरक्षा एजेंसियों का ब्योरा उपलब्ध कराएं कि उनमें कितनी वैध हैं और कितनी बगैर रजिस्ट्रेशन ही काम कर रही हैं। - संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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