बरेली। डेढ़ साल पहले कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) परीक्षा में 6वीं रैंक हासिल कर बरेली का गौरव बढ़ाने वाले संगम अब लेफ्टीनेंट बन कर देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की ठानी है। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पासआउट होने के बाद लेफ्टीनेंट संगम दीक्षित को कुमाऊं रेजीमेंट में तैनाती मिली है। बरेली सैन्य यूनिट एएससी में तैनात पिता हवलदार महेंद्र कुमार दीक्षित के सैन्य अनुशासन से प्रभावित होकर संगम ने देश सेवा की राह चुनी।
भरतौल की डिफेंस कॉलोनी निवासी संगम ने बताया कि पिता सेना में थे। इसलिए वे भी सेना में जाने की ठान ली थी। इसके चलते बरेली कॉलेज में एनसीसी प्रशिक्षण के दौरान वे बेस्ट कैडेट सम्मान से नवाजे गए थे। बताया कि इसके बाद सीडीएस की परीक्षा पास कर जनवरी 2018 में आईएमए देहरादून सैन्य प्रशिक्षण शुरू की। शुरुआत में दिन में चार घंटे की नींद और 20 घंटे की सख्त फिजिकल ट्रेनिंग करनी पड़ती थी। सैन्य अधिकारी बनने की ख्वाहिश पूरी करने की जिद के चलते नींद और थकान धीरे-धीरे दिनचर्या का हिस्सा हो गई। संगम को प्रशिक्षण के दौरान बास्केटबॉल में दो गोल्ड मेडल और आब्सटेकल रेस में एक सिल्वर मेडल से नवाजा गया है। उन्होंने पिता और माता आदेश दीक्षित से मिले आशीर्वाद को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। बताया कि किसी तरह की दिक्कत होने पर पिता से सुझाव लेते थे। पिता के प्रोत्साहन से उन्हें बल मिलता और मन में घर कर रही निराशा आशा में तब्दील हो जाती है।