बरेली। डीएम दफ्तर में उस वक्त खलबली मच गई, जब केरोसिन से लथपथ एक महिला, छोटी बेटियों के साथ वहां पहुंची। महिला इतनी सहमी हुई थी कि उसकी आवाज भी नहीं निकल पा रही थी। डीएम के सामने पेश होकर बोली...साहब मुझे बचा लीजिए, नहीं तो ननद और सास-ससुर नहीं छोड़ेंगे। डीएम ने पुलिस कर्मियों को बुलाकर उसे महिला थाने भेज दिया।
बिहारीपुर सिविल लाइन की रहने वाली रीना तीन बेटियों के साथ कलक्ट्रेट में डीएम दफ्तर पहुंची। उसके कपड़ों से केरोसिन की महक आ रही थी। फटे कपड़े और छोटी-छोटी बेटियों के शरीर पर लगे चोटों के निशान दिखाते हुए उसने बताया कि उसके पति विकास छोटी मोटी नौकरी करते हैं। सास-ससुर रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं। उसकी ननद भी मायके में ही रह रही है। रीना ने रोते हुए बताया कि उसकी ननद और सास-ससुर उसे और उसके बच्चों को घर से निकालना चाहते हैं। इसलिए आए दिन उसके साथ मारपीट करते है। शुक्रवार को जब सुबह 11 बजे पानी भरने के लिए मोटर चलाने गई तो ननद और सास-ससुर ने उसके साथ मारपीट करते हुए उस पर केरोसिन उडे़ल दिया। उस वक्त पति भी घर पर नहीं थे। किसी तरह वह अपनी और बच्चों की जान बचाकर कलक्ट्रेट पहुंची। डीएम ने महिला को पुलिस कर्मियों के साथ महिला थाने भेज दिया।
एक महिला ने आरोप लगाया है कि उस पर केरोसिन छिड़कर जलाने की कोशिश की गई है। इस मामले की जांच पुलिस से कराई जा रही है।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम