बरेली। ‘खुद ही मुजरिम और खुद ही मुवक्किल’ की तर्ज पर आखिरकार महिला अस्पताल में जाम छलकाने के मामले में ‘स्टाफ’ को क्लीन चिट दे दी गई। सीएमएस ने सुबूतों और गवाहों के अभाव में जांच फाइल बंद करने का आदेश दे दिया है। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वीकृति लेने के बाद ही पार्टी आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पार्टी में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता होने पर शासन स्तर से कार्रवाई के लिए संस्तुति करने की चेतावनी दी है।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता का पता नहीं चला है। ऐसे में जांच को बंद कर दिया गया है। साथ ही, पिछले दिनोें हुई पार्टी में अनुशासनहीनता की संभावना जताते हुए सख्त चेतावनी दी है। महिला अस्पताल के मैटनिटी विंग के चारों फ्लोर की जिम्मेदारी तय की गई है। दो डॉक्टरों को इसका इंचार्ज बनाया जाएगा। जो प्रत्येक गतिविधि पर निगाह रखेंगे। फ्लोर पर अनुशासनहीनता होने पर संबंधित इंचार्ज जिम्मेदार माना जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक फ्लोर पर चैनल लगेंगे। ताकि जरूरत न होने पर फ्लोर को बंद किया जा सके। इसके अलावा फ्लोर के बरामदों में सीसीटीवी लगाए जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बजट मिलते ही सबसे पहले सुरक्षा के बाबत कार्य किया जाएगा।
पिछले दिनों हुए प्रकरण की जांच रिपोर्ट मिल गई है। सुबूत न होने से अनुशासनहीनता का जिक्र नहीं है। फिर भी, पार्टी के संबंध में कोई फोटो, वीडियो या रिकॉर्डिंग हो तो वह उपलब्ध कराएं कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस