बरेली। स्वतंत्रता दिवस निपटते ही जंक्शन पर लगे दो मेटल डोर डिटेक्टर पुलिस लाइन वापस कर दिए जाएंगे। आतंकी धमकी को देखते हुए जीआरपी ने पुलिस लाइन से निवेदन करके लिए थे जिससे जंक्शन पर सुरक्षा हो सके। 15 अगस्त के बाद फिर से जंक्शन की सुरक्षा भगवान भरोसे हो जाएंगे। जबकि जंक्शन के डोर डिटेक्टर कबाड़ हो चुके हैं।
24 जुलाई को एक व्यक्ति को कांवड़ निकालने के संबंध में जंक्शन को उड़ाने की धमकी के बाद जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। शाम को एडीजी, डीआईजी ने जंक्शन का निरीक्षण करके सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। एक सप्ताह तक जीआरपी और आरपीएफ संयुक्त रूप से रात दिन गश्त करती रही। इस बीच जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार के अनुरोध पर पुलिस लाइन से दो मेटल डोर डिटेक्टर भेज गए, जिनमें जंक्शन के मुख्य गेट और वेटिंग हाल के पास लगाए गए। पुलिस के जवान भी तैनात कर दिए है। अब 12 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार को खत्म हो गया। सूत्रों का कहना है कि अब डोर डिटेक्टर वापस पुलिस लाइन जाएंगे, लेकिन जंक्शन के पुलिस अधिकारियों के कहने पर 15 अगस्त तक रोक लिए गए है। 16 अगस्त को दोनों डोर डिटेक्टर वापस कर दिए जाएंगे। जिसके बाद जंक्शन पर सुरक्षा फिर से भगवान भरोसे हो जाएगी। रेलवे के जानकारों का कहना है कि जंक्शन पर जीआरपी थाने, नार्थ और साउथ रेलवे कालोनी, साइकिल स्टैंड, पावर केबिन और जंक्शन की सुभाषनगर की ओर बनी सेकेंड एंट्री से कोई भी व्यक्ति बेखौफ जंक्शन आ सकता है। इन जगहों पर सुरक्षा के कोई भी प्रबंध नहीं है। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि अधिकारी चाहेंगे तो लगे रहेंगे, दोनों पुलिस लाइन के हैं, वापस तो होना ही है।
अभी तक नहीं पकड़ा गया मुन्ने खां उर्फ मुल्ला
23 जुलाई का एक व्यक्ति मुन्ने खां उर्फ मुल्ला ने स्वयं को आईएम लश्कर का एरिया कमांडर बताते हुए धमकी दी थी कि मुस्लिम इलाकों से कांवड यात्रा निकाली गई तो वह जंक्शन को उड़ा देगा, अभी तक वह शांत बैठा हुआ है। पत्र मिलने के बाद हड़कंप मचा तो जीआरपी पता लगाया कि स्वयं भू कमांडर बदायूं का है। पुलिस की एक टीम ने बदायूं भी गई लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अब जीआरपी ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।