बरेली। नगर निगम के कर विभाग की टीम ने बुधवार को बकायेदारों पर सबसे बड़ी कार्रवाई की। बुधवार सुबह बाजार खुलने से पहले ही 14 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। जब व्यापारियों ने दुकान और गोदाम पर सील देखी तब उन्हें मामले की जानकारी हो सकी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देश पर बड़े बकायेदारों पर जोनल प्रभारी कार्रवाई कर रहे हैं। जोन-दो के राजस्व निरीक्षक जयप्रकाश के मुताबिक बुधवार को कर अधीक्षक मुन्ना राम के नेतृत्व में टीम ने मोहल्ला कहरवान, दर्जी चौक, प्रेमनगर, बांसमंडी में 14 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। इसके बाद बकायेदारों ने दुकान और गोदाम पर सील लगी देखी तो वह बकाया जमा करने के लिए कार्यालय पहुंचे। कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने आधा कर जमा किया है। वहीं बची हुई रकम को 31 मार्च तक जमा करने के निर्देश दिए हैं।
- जोन चार के इन बकायेदारों को मिला नोटिस
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र की ओर जोन चार के इंद्रा नगर में आवास विकास परिषद के एक्सईएन पर 2.12 लाख से अधिक, ममता खंडेलवाल पर 1.77 लाख, मलती वर्मा पर 1.70 लाख, जयराम पर 4.95 लाख, खादी ग्रामो उद्योग सेवा आश्रम के प्रबंधक पर 2.32 लाख, राजेंद्र नगर में जगन्नाथ खटटर पर 3.68 लाख और राजेंद्र नगर स्थित आवास विकास परिषद के ही एक्सईएन पर 1.14 लाख रुपये की संपत्ति का कर बकाया होने पर सीलिंग व कुर्की का नोटिस दिया है।
मंडी समिति के सचिव व डीआईओएस के खाते सीज करने के निर्देश
नगर आयुक्त ने भारतीय स्टेट बैंक को पत्र लिखा है। इसमें मंडी समिति के सचिव व डीआईओएस के खातों को सीज करने के निर्देश दिए हैं। इन दोनों ही विभागों के कार्यालयों पर 3.94 करोड़ से अधिक का बकाया है। भेजे गए पत्र के मुताबिक डेलापीर बड़ी विहार स्थित मंडी समिति के दो भवनों का वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 1.34 करोड़ का बकाया है। इसी तरह रामपुर बाग सेमलखेड़ा स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के भवन पर 1.26 करोड़ रुपये बकाया है। भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक को दोनों विभागों के खाते सीज करने के लिए कहा गया है।
शिविर में नौ लाख की वसूली
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि बुधवार को जोन तीन के रोहली टोला में वसूली शिविर लगाया गया था। इसमें करीब नौ लाख की वसूली की गई है। इसके साथ ही साथ आपत्तियों का निस्तारण भी किया गया। इसमें विभाग अधिक और गलत बिलों की शिकायतें थीं, जिनका निस्तारण कर बिलों को जमा किया गया है। संवाद