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रिठौरा राशन घोटालाः गवाहों के बयान दर्ज, अब अंतिम रिपोर्ट की बारी

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बरेली। रिठौरा राशन घोटाले में डीएम स्तर पर चल रही जांच में डीएसओ और सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा इस मामले में पुलिस की भूमिका को जांच के घेरे में लिया गया है। इस मामले में विवेचक एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने लगभग जांच रिपोर्ट पूरी होेने की जानकारी दी है। यह रिपोर्ट इसी हफ्ते डीएम को भेजने की तैयारी है।
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पुलिस ने 27 नवंबर को भड़सर रोड पर खाद्यान्न से लदी गाड़ी पकड़ी गई थी। सरकारी अनाज होने के बावजूद पूर्ति विभाग और मंडी दोनों ही टीमों ने इसे प्राइवेट होने की क्लीन चिट दे दी। डीएम स्तर पर चल रही इस जांच में विवेचक एडीएम वित्त को इस मामले से संबंधित अफसर और कर्मचारियों के लिखित बयान लेने के साथ ही कई तथ्य जुटाने थे। जांच में डीएसओ सीमा त्रिपाठी और खाद्यान्न पकड़े जाने के दिन प्रभारी एसडीएम रहे सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला के बयान हो हो चुके हैं। इसके अलावा मंडी और पूर्ति विभाग की टीम के भी स्पष्टीकरण लिए जा चुके हैं। हालांकि यह रिपोर्ट पहले ही डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को मिल जानी चाहिए थी लेकिन जांच अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान यह बिंदु भी बढ़ गया था कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका क्या रही है? इस वजह से कुछ देरी हो गई है। इधर, इस खाद्यान्न घोटाले में तकरीबन पूरी जांच हो चुकी है। सबूत और गवाहों के आधार पर रिपोर्ट भी बन गई है। एडीएम वित्त का कहना है कि वह पूरे मामले की रिपोर्र्ट डीएम को एक से दो दिन में सौंप देंगे। गौरतलब है कि इस घोटाले में निचले स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है। आरोपियों पर एफआईआर और कई दोषी कर्मचारियों को निलंबित करने की कार्रवाई हो चुकी है लेकिन अभी कई बड़े अफसर बचे हुए हैं। डीएम की रिपोर्ट के आधार पर इन पर भी कार्रवाई होने के आसार हैं।
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