स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल के दौरों के बाद भी न तो जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है और न ही डॉक्टरों की संवेदनहीनता दूर हो पा रही है। दुर्घटना में घायल मरीज दो घंटे से ज्यादा समय तक अस्पताल में तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टर उसे देखने नहीं आए। परिजनों ने शिकायत की तो सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्टाफ को फटकार लगाई। कहा - तुम लोगों के लिए मरीज की जिंदगी की कोई कीमत है या नहीं। उन्होंने डॉ. एके गुप्ता का जवाब तलब भी किया है।
स्वालेनगर के 50 वर्षीय देशपाल प्रजापति को हादसे में गंभीररूप से घायल होने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने सीटी स्कैन के लिख दिया और देशपाल को देखने के लिए 11:40 बजे डॉ. एके गुप्ता को कॉल किया। अस्पताल के रजिस्टर में भी कॉल को नोट किया गया, लेकिन डॉ. गुप्ता सवा दो बजे तक मरीज को देखने नहीं पहुंचे। लापरवाही से नाराज परिजन सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के पास पहुंचे। इस पर सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई। नर्सों ने सीएमएस को बताया कि डॉ. गुप्ता को कॉल भी की गई और फिर रिमाइंडर भी भेजा गया लेकिन वह नहीं आए। सीएमएस ने कहा कि यह घोर लापरवाही है। उन्होंने डॉ. गुप्ता का जवाब तलब किया है।