फायरिंग करने वाला सिपाही का भाई अब तक गिरफ्तार नहीं
गिरफ्तारी के डर से गांव के ज्यादातर युवक घर छोड़कर भागे
बरेली। इज्जतनगर के गांव कंजादासपुर में शुक्रवार सुबह हुई मारपीट-पथराव और फायरिंग के मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया। शनिवार को सभी को जेल भेज दिया गया। हालांकि, घटना के मुख्य आरोपी आशिक को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उधर, गिरफ्तारी के डर से गांव के ज्यादातर युवक अपने घरों से भाग गए हैं।
कंजादासपुर में बुधवार को मंगनी के एक कार्यक्रम के दौरान डीजे पर डांस करने को लेकर एक ही समुदाय के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। इसी रंजिश में शुक्रवार सुबह दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से जमकर ईंट पत्थर चले और मारपीट हुई। एक पक्ष के सिपाही के भाई आशिक ने तमंचे से फायरिंग कर दी। इस तरह मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाठियां फटकार कर उपद्रव करने वालों को खदेड़ा। पुलिस ने दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
पुलिस ने शनिवार को भी गांव में कई घरों में दबिश दी। सिपाही के भाई आशिक के यहां भी दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिला। आशिक के बारे में गांव में लोगों ने बताया कि वह अपने भाई के सिपाही होने की धौंस देता रहता है। उसका भाई अहमद रजा पीलीभीत में तैनात है। इधर, पुलिस ने हिरासत में लिए गए 11 लोगों का शांतिभंग में चालान कर दिया। मजिस्ट्रेट ने सभी को जेल भेज दिया। पकड़े गए लोगों में नन्हू, लईक, इरफान, सोहेल, इसरार, वाजिद, मोहम्मद एजाज, मोहम्मद गुलाम नबी, सलमान, रिजवान हैं। इसके अलावा एक अन्य युवक जो रिश्तेदारी में आया था, उसे भी जेल भेजा गया है।
जेल गए लोगों में एक भी नामजद नहीं
पुलिस ने जिन 11 लोगों को शनिवार को जेल भेजा है, उनमें से एक भी नामजद आरोपी नहीं है। जिन लोगों के नाम रिपोर्ट दर्ज है, वे सभी फरार हैं। हैरत की बात यह है कि आरोपियों में से पुलिस किसी को भी नहीं पकड़ सकी है। एक पक्ष के फिरोज खां ने शनिवार को इसकी शिकायत एसएसपी से भी की। एसएसपी ने इज्जतनगर पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करने को कहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि इन लोगों के नाम भले ही रिपोर्ट में दर्ज नहीं हैं, लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची थी तो यही लोग हंगामा करते मिले थे। लिहाजा इनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है।