बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर रामपुर निवासी करन ने पुलिस को बताया कि गांव के कुछ लोगों ने उसकी मुलाकात कन्हैया गुलाटी से कराई थी। गुलाटी उसे अपनी कंपनी के कार्यालय ले गया, जहां उसकी पत्नी भी मिली। दोनों ने कंपनी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया और विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। करन झांसे में आ गए और अलग-अलग तारीखों पर ऑनलाइन माध्यम से कंपनी में आठ लाख रुपये का निवेश किया। उनके बेटे नितिन पटेल और बेटी पारुल पटेल ने भी एक-एक लाख रुपये का निवेश किया।
रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा
गुलाटी ने निवेश के बदले गारंटी के तौर पर दस लाख रुपये के तीन चेक दिए और 22 माह में रकम दोगुनी करने का वादा किया था। अब काफी समय से गुलाटी का कार्यालय और घर बंद है। वह पत्नी और बेटे समेत भूमिगत है। करन ने बताया कि थाने में कई बार शिकायत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत के बाद भी रिपोर्ट दर्ज न होने पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
ईडी, ईओडब्ल्यू और एसआईटी भी कर रही जांच
निवेशकों के करोड़ों रुपये ठगी के इस मामले में विशेष जांच शाखा (एसआईटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भी जांच कर रही हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी गुलाटी की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। पिछले महीने गुलाटी की अपने दो साथियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अब जेल में हैं। हालांकि, गुलाटी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।