देवचरा में करेंगे बड़ी रैली
उन्होंने कहा कि नेता अकेले निर्णय नहीं लेता, कार्यकर्ता और समर्थक उसकी ताकत होते हैं। इसलिए आगे का फैसला भी उनसे विचार-विमर्श के बाद ही होगा। कश्यप ने समर्थकों की एक बड़ी रैली देवचरा में आयोजित करने की इच्छा भी जताई।
बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। लोधी समाज समेत विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी को लेकर भी बातचीत हुई। कश्यप ने कहा कि उनके समर्थक केवल वोट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर तरह से उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने से पहले भी उन्होंने समर्थकों से राय ली थी और बड़ी रैली की थी। अब आगे की राह भी बातचीत के बाद तय होगी। फिलहाल कश्यप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस राजनीतिक दल का रुख करेंगे।
कश्यप के निशाने पर भाजपा संगठन
कश्यप ने आरोप लगाया कि 2024 में उनके खिलाफ काम करने वालों को पार्टी में पद दिए गए, जबकि मेहनती कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई। उन्होंने कहा कि इसी असंतोष के कारण उन्होंने भाजपा से अलग होने का फैसला लिया।
बोले- नेता नहीं, कार्यकर्ता ताकत
कश्यप ने कहा कि नेता अपने समर्थकों की राय से अलग होकर राजनीति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी के बजाय विचार-विमर्श जरूरी है और सभी वर्गों के लोगों से बातचीत के बाद ही आगे की रणनीति सामने आएगी।