बरेली। किशोरी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या एक रामानंद ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 15 हजार जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने कहा कि जुर्माने की 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
घटना बारादरी थाना क्षेत्र में 16 अगस्त 2016 को हुई थी। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि वह काम पर गई थी। उसकी 11 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी।
दोपहर एक बजे पड़ोस का युवक घर में घुस आया और पुत्री के साथ छेड़खानी करने लगा। पीड़िता आरोपी से छूटकर बाहर आ गई। जब शिकायतकर्ता घर पहुंची तो पीड़िता ने उसे पूरी घटना बताई। जब पीड़िता और उसकी मां आरोपी के घर गए तो वह भाग गया। उसके परिजन गाली गलौज करने लगे। मामले की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना के दौरान पीड़िता के स्कूल से मिले प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 16 अप्रैल 2007 पाई गई। अभियुक्त की तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद अभियुक्त स्वयं न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। 13 सितंबर 2018 को आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह और नौ साक्ष्य पेश किए गए। न्यायालय ने पीड़िता के बयानों के आधार आरोपी सोनू मौर्य को सजा सुनाई है। संवाद