बाराबंकी। जिले में पहली अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। अभी तक 46 केंद्रों की सूची एजेंसियों द्वारा विपणन शाखा को उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद केंद्रों के सत्यापन का कार्य तेज हो गया है और इसे संबंधित तहसील के एसडीएम को भेज दिया गया है। वहीं विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं, क्रय केंद्र प्रभारियों की सूची फाइनल की जा रही है।
पहली अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पहले चरण में गेहूं खरीद के लिए 46 केंद्रों की सूची फाइनल की जा रही है। विपणन शाखा, पीसीएफ व एफसीआई आदि जिले में कहां-कहां गेहूं खरीद केंद्र खोलेगी, इसकी सूची तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी गई थी। जिलाधिकारी के आदेश के बाद केंद्रों के सत्यापन के लिए यह सूची संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को भेज दी गई है। सत्यापन का कार्य इसी सप्ताह पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा एजेंसियां गेहूं खरीद में लगाए जाने वाले कर्मचारियों की सूची भी तैयार कर रही हैं। किस कर्मचारी को किस केंद्र का जिम्मा सौंपना है, इसे लेकर भी तैयारियां चल रही हैं ताकि जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी की जा सके और निर्धारित समय तक क्रय केंद्रों को खोल दिया जाए।
इस बावत जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि इस बार 46 केंद्रों पर गेहूं खरीद की तैयारी है। अभी तक चार एजेंसियों ने जिले में गेहूं खरीद केंद्र खोलने के लिए अपने प्रस्ताव बनाकर दिए हैं। जिलाधिकारी से अनुमति के बाद इन केंद्रों के सत्यापन के लिए सूची संबंधित एसडीएम को भेज दी गई है। गेहूं खरीद को लेकर अन्य प्रकार की तैयारियां चल रही हैं।
सरकारी केंद्रों पर गेहूं की आवक होगी, इसके आसार बहुत ही कम नजर आ रहे हैं। सरकार द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है जबकि बाजार में मौजूदा समय में गेहूं 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। मंडी के जानकारों का कहना है कि फसल तैयार होने के साथ ही बाजार में फसल के दामों में गिरावट आने लगती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला है। बाहरी प्रांतों से गेहूं की मांग ज्यादा आने लगी है, इसकी वजह से गेहूं के दाम अभी और बढ़ेंगे, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।