बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले पांच लाख किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे में बिना ई-केवाईसी वाले किसानों को सम्मान निधि की 11वीं किस्त नहीं मिल सकेगी। इस बार ई-केवाईसी पूरी तरह अनिवार्य कर दी गई है।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर पांच लाख 47 हजार 570 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से चार लाख 63 हजार 569 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने को लेकर मोदी सरकार ने तीन माह पहले एक नई व्यवस्था की थी। इसके तहत किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर ही ई-केवाईसी करानी थी। इसके लिए किसानों को नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर ई केवाईसी बायोमिट्रिक प्रमाणीकरण कराना था।
बावजूद इसके ई- केवाईसी कराने में आ रही तकनीक दिक्कत के चलते किसानों के खाते में सम्मान निधि की 10वीं किस्त भेज दी गई। इसके बाद किसानों ने ई- केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में अभी तक करीब पांच लाख किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। अगर, 11वीं किस्त आने से पहले किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई तो उनके खातों में सम्मान निधि की रकम नहीं पहुंचेगी। ई-केवाईसी कराने के लिए जनसेवा केंद्र पर जाने वाले किसानों को अपने साथ आधार कार्ड व मोबाइल ले जाना होगा। मोबाइल पर ओटीपी आने पर ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले 10 फीसदी किसानों ने ही अभी तक ई-केवाईसी कराई है। अभी करीब पांच लाख किसानों को ई-केवाईसी करानी है। ऐसे में किसान ई-केवाईसी करा लें तभी उनके खातों में 11वीं किस्त की धनराशि पहुंचेगी।
-अनिल कुमार सागर, उपकृषि निदेशक