बाराबंकी। तीसरी लहर का खतरा सिर पर मंडरा रहा है लेकिन जिले से कोरोना वैक्सीन का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर दोपहर के बाद बूथों पर वैक्सीन खत्म हो गई। जिससे घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को टीका नहीं लग पाया और ये लोग बिना टीका लगवाए ही वापस लौट गए।
हर दिन लोगों को वैक्सीन के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन विभागीय अधिकारी इस समस्या को दूर करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। वहीं वैक्सीन की कमी की वजह से अब आए दिन बूथों पर हंगामा होना भी आम होता जा रहा है।
जिले में करीब 22 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाना है। इनमें से अभी तक करीब आठ लाख लोगों को ही यह टीका लगाया जा सका है। अभी भी 14 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना का टीका नहीं लगाया जा सका है। पिछले एक माह से उपजा वैक्सीन का संकट भी विभाग दूर कर पाने में पूरी तरह से नाकाम है।
यहीं कारण है कि मौजूदा समय में जिले में 20 स्थानों पर टीकाकरण का कार्य ही चल रहा है और औसतन प्रतिदिन चार हजार लोगों को ही टीके लग पा रहे हैं। क्योंकि विभाग को जितनी वैक्सीन की प्रतिदिन जरूरत है उतनी वैक्सीन मिल नहीं पा रही है। जबकि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा देख सुबह से ही लोगों की लाइनें बूथों पर लग जा रही हैं।
वैक्सीन की उपलब्धता से कहीं ज्यादा लोगों के बूथों पर आ जाने के कारण समस्या और बढ़ती जा रही है और बूथों से आए दिन वैक्सीन खत्म होना अब आम होता जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी इस समस्या को दूर कर पाने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
जिले में वैक्सीन की जितनी जरूरत है, उतनी नहीं मिल पा रही है। महा अभियान के बाद वैक्सीन बची थी उसी से अभी तक काम चलाया गया। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है जल्द ही वैक्सीन की समस्या दूर हो जाएगी।
-डॉ. राजीव सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी