बाराबंकी। तबियत बिगड़ने व हादसा होने पर लोग एंबुलेंस के लिए कॉल करते हैं। इसलिए ताकि जल्द से जल्द अस्पताल पहुंच सकें। मगर जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण मरीज अनफिट एंबुलेंस से ढोए जा रहे हैं। इन एंबुलेंस से हादसे का खतरा हर समय बना रहता है। जिले में पंजीकृत 1600 में से करीब 450 एंबुलेंस ऐसी हैं जिनका फिटनेस ही नहीं हो सका। बीते कई महीनों से ऐसे ही हालात हैं। एंबुलेंस की फिटनेस कराने के लिए कमेटी बनाने के बाद भी कार्रवाई अधूरी है।
इमरजेंसी सेवा देने वाले एंबुलेंस का हर मायने में फिट होना जरूरी है मगर छानबीन में चौंकाने वाली बात सामने आई कि करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस का फिटनेस ही नहीं है। बीते माह जांच में तीन एंबुलेंस का चालान होने के बाद सख्ती की गई तो एंबुलेंस का फिटनेस कराने के लिए कमेटी बनी। मगर यह औपचारिकता तक ही सीमित रहा। नतीजा यह रहा कि करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस बिना फिटनेस के दौड़ रही हैं। जिले के एआरटीओ ऑफिस में करीब आठ साल पहले पूरे प्रदेश की एंबुलेंस का पंजीकरण किया गया था।
सभी एंबुलेंस का नंबर यूपी 41 से है। जिले के एआरटीओ ऑफिस में पंजीकृत करीब 1600 एंबुलेंस में करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस ऐसी हैं जो बगैर फिटनेस मरीजों को ढो रही हैं और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बाबत एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि सीएमओ बाराबंकी के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस पूरे प्रदेश में संचालित हो रही हैं। धीरे-धीरे लेकिन एंबुलेंस का फिटनेस हो रहा है। तकरीबन 25 एंबुलेंस का फिटनेस कराया जा चुका है। वाहनों की जांच के लिए चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।