दरियाबाद (बाराबंकी)। इलाज में लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अस्पताल संचालक के खिलाफ सीएचसी मथुरा नगर में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना दरियाबाद के ग्राम लालपुर गुमान के रहने वाले राजकुमार की पत्नी मीना देवी (25) गर्भवती थी। परिजनों ने मीना को इलाज के लिए शनिवार की सुबह सीएचसी बनीकोडर लेकर गए। जहां पर डॉक्टरों ने प्रसव का समय न होने की बात कहकर घर भेज दिया।
इसके बाद आरोप है कि एक आशाबहू ने मीना व उनके परिजनों को बहकाकर कस्बा दरियाबाद में चलने वाले एक निजी अस्पताल गायत्री हॉस्पिटल में ले आये। जहां पर मीना के परिजनों को बेहतर इलाज का आश्वासन देकर भर्ती करा दिया गया। परिजनों ने बताया कि मीना को पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ था। लेकिन इस अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद काफी देर तक मीना को भर्ती रखा गया और इलाज के नाम पर खानापूर्ति की गई।
दोपहर के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा यह कहकर कि मीना की हालत अत्यंत गंभीर है, उसको ले जाओ। मीना को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। इस बीच मीना की मौत हो चुकी थी। उसके पति राजकुमार ने बताया कि अस्पताल में कोई भी योग्य डॉक्टर नहीं था।
इसके बावजूद रुपये ऐंठने के चक्कर में उसकी पत्नी को भर्ती रखा गया। जबकि उसकी हालत निरंतर बिगड़ रही थी। पीड़ित पति ने मामले की शिकायत सीएचसी मथुरा नगर में की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजय पांडेय ने बताया कि प्रसूता की निजी अस्पताल में लापरवाही से मौत की शिकायत मिली है। जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।