त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। थाना क्षेत्र लोनीकटरा में अवैध खनन कराने में लगे माफिया ने जिला खनन अधिकारी डॉ. दीपक को कार से कुचलकर जान से मारने की कोशिश की। माफिया पुलिस की मौजूदगी में दबंगई दिखाते हुए कब्जे में लिए गए खनन वाहनों को भी छुड़ा ले गए। खनन अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद समेत दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करते हुए वाहनों को बरामद कर सीज किया है।
शनिवार रात गोमती नदी के करीब लोनीकटरा थाना क्षेत्र के लखौरा व जौरास गांव के पास बलुई मिट्टी की अवैध खनन कर डंपरों से ढुलाई करने की गुप्त सूचना पर खनन अधिकारी डॉ. दीपक ने छापा मारा। जांच में पता लगा कि डीएम कार्यालय के खनन अनुभाग से वहां पर खनन के लिए कोई अनुज्ञा पत्र जारी नहीं किया गया है। इस पर खनन अधिकारी ने अवैध खनन में लगी दो जेसीबी व मिट्टी लदे दो डंपर पकड़े जिनको पुलिस की मदद से थाने के लिए लाया जा रहा था।
इसी दौरान अचानक एक तेज रफ्तार कार पर सवार लोगों ने खनन अधिकारी पर कार चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश की। इस पर किसी तरह उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। कार सवार दबंग खनन माफिया ने फर्जी तरीके से बनाए गये खनन की अनुमति से संबधित प्रपत्र दिखाए और खनन अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई के प्रपत्र फाड़कर फेंक दिए। इसके बाद डंपर से मिट्टी गिराकर वाहनों के साथ फरार हो गए।
देर रात सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और खनन माफिया की तलाश शुरू कर दी गई। रविवार को एएसपी मनोज कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर जांच की तथा थाना पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। खनन अधिकारी डॉ. दीपक की तहरीर पर पुलिस ने खनन माफिया लोनी कटरा थाना क्षेत्र के छबील चौकी निवासी संतोष कुमार, लखनऊ के थाना मोहनलालगंज क्षेत्र के श्रीफत नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार व यहीं के हयात नगर निवासी अमित कुमार समेत दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस ने जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, प्रपत्र फाड़ने, फर्जी तरीके से प्रपत्र तैयार करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रसाद यादव ने बताया कि खनन अधिकारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर खनन में लगे वाहन पकड़े गए हैं। जल्दी की खनन माफिया की गिरफ्तारी की जाएगी।
तहसील क्षेत्र हैदरगढ़ में गोमती किनारे से अवैध खनन का धंधा वर्षों से चल रहा है। छह साल पहले अवैध खनन के विवाद में हत्या होने के बाद भी पुलिस अवैध खनन को रोकने के लिए गंभीर नहीं हुई। खनन माफिया मिट्टी का खननकर हाईवे से होकर लखनऊ तक बेेचते हैं।