बाराबंकी। बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने व दवा बेचने के मामले में अदालत ने एक दोषी को तीन साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामला कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र का है।
औषधि निरीक्षक सुमित कुमार ने 26 जून 2020 को भिटरिया में टीम के साथ एक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया था। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम पवन तिवारी निवासी पूरे अहिरन पोस्ट मऊगोरपुर बताया। इस दौरान मेडिकल स्टोर में काफी मात्रा में दवाएं बिकते मिलीं। विक्रेता लाइसेंस नहीं दिखा सका। टीम को स्टोर में रखी दवाओं के बारे में भी कोई रसीद भी नहीं दिखाई। वादी सुमित कुमार तथा औषधि निरीक्षक अनीता कुरील ने दवाओं के नमूनों को प्रयोगशाला भेजा था। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत पवन तिवारी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
(संवाद)