सुल्तानपुर। कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों की देखभाल करना जरूरी है। इसके लिए बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित तौर पर पंजीकृत बच्चों को कुपोषण से बचाने के सजगता से कार्य करें। यह निर्देश सीडीओ अंकुर कौशिक ने दिया। वह बृहस्पतिवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने बाल विकास विभाग की ओर से बच्चों के वजन, अन्नप्राशन, गोदभराई के चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करने के साथ ही निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। जिला कार्यक्रम अधिकारी रवीश्वर राव ने बताया कि अगस्त में 28 बच्चे मेडिकल कॉलेज के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराए गए थे। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो गया। सीडीओ ने प्रत्येक पंजीकृत बच्चों का वजन कराते हुए उनकी बराबर देखरेख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पोषण ट्रैकर पर वजन, वीएचएसएनडी टीकाकरण, समुदाय आधारित गतिविधि, अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण की प्रगति को नियमित तौर पर फीड किया जाए। इस दौरान उन्होंने अधूरे पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के साथ ही 298 केंद्रों पर बर्तन खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।