बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की खामियों को सुधारने के लिए ब्लॉक स्तरीय राजकीय बीज भंडार केंद्रों पर तीन दिवसीय शिविर का आयोजन सोमवार से शुरू हुआ। इसका प्रचार-प्रसार न होने के कारण पहले दिन शिविरों पर पहुंचने वाले किसानों की संख्या का आंकड़ा काफी कम रहा । इतना ही नहीं शिविर में राजस्व कर्मियों के नदारद रहने से वहां पहुंचे किसानों को काफी परेशानी भी हुई। इसके बावजूद संचालकों ने कुल आई साढ़े तीन सौ शिकायतों में से पौने दो सौ के निस्तारण का दावा किया है।
जिले में तीन साल पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत हुई थी। इसके बावजूद कई हजार ऐसे पात्र किसान है जो कई बार आवेदन के बाद ही अपनी खामियों का सुधार करा पाए हैं। इसके बावजूद भी उन्हें सम्मान निधि की एक भी किस्त नहीं मिल सकी। ऐसे में खामियों को फिर से सुधारने के लिए 11 से 13 अक्टूबर तक तीन दिवसीय कैंप का आयोजन राजकीय बीज भंडार केंद्रों पर किया जा रहा है।
इस दौरान जिस पर कृषि विभाग के बीटीएम, एटीएम व प्राविधिक सहायक के साथ राजस्व विभाग के लेखपालों को मौजूद रहकर किसानों की समस्याओं का समाधान कराना था। मगर, कैंप के संबंध में प्रचार-प्रसार न होने से जहां पहले दिन शिविर में पहुंचे किसानों की संख्या काफी कम रही। राजस्व कर्मियों के न पहुंचने से मौजूद कृषि विभाग के कर्मचारियों ने ही अपने स्तर से निस्तारित होने वाली किसानों की समस्याओं को निपटाया।
बंकी ब्लॉक के पल्हरी स्थित किसान कल्याण केंद्र में लगे शिविर में विलंब से सूचना मिलने के बाद भी किसानों की संख्या ठीक रही। मगर, यहां पर कोई लेखपाल नहीं पहुंचा। इससे किसानों को काफी परेशानी हुई। सिरौलीगौसपुर के मैलारायगंज स्थित राजकीय बीज भंडार पर लगे शिविर में 21 शिकायतें आई जिसमें दो का ही निस्तारण ही हो सका। यहां पर भी कोई लेखपाल नहीं पहुंचा था। सिद्वौर ब्लॉक के असंद्रा स्थित राजकीय बीज भंडार पर लगे शिविर में 40 शिकायतें आई। यहां पर भी कोई लेखपाल नहीं आया था।