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रात भर में 6 जगह टूटी पटरी, गुजर गईं साबरमती व मरुधर एक्सप्रेस

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सफेदाबाद (बाराबंकी)। अयोध्या-लखनऊ रेल खंड पर पेट्रोलिंग के दौरान रेलवे कर्मियों को छह जगह पटरी टूटी मिली। इन्हीं टूटी पटरियों से साबरमती व मरुधर एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें धड़धड़ाते हुए निकल गईं। शुक्र है कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सूचना मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों में में ड़कंप मचा रहा। पेट्रोलिंग शुरू हुई तो कर्मचारियों को ठंड में पसीना छूट गया। पूरी रात रेलवे लाइन की मरम्मत का काम चलता रहा।
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बीती रात करीब एक बजे सफेदाबाद व मल्हौर रेल पथ के बीच किमी संख्या 1083 के खंभा संख्या 27 व 28 के बीच पटरी टूटी मिली। इसी के साथ सफेदाबाद यार्ड में भी पटरी टूटने की सूचना आई। जिस पर गश्त कर रहे की मैन हासिम ने आनन फानन में ‘जागल प्लेट’ बांधी। अभी यहां मरम्मत का काम पूरा भी नहीं हुआ था कि बाराबंकी रेलवे स्टेशन के यार्ड में भी पटरी टूटी पाई गई। आनन फानन यहां भी जागल प्लेट बांधी गई।
आधी रात के बाद खबर आई कि सफदरगंज रेलवे स्टेशन के पास किमी संख्या 1043 के खंभा संख्या 2 व 3 और 1042 के 6 व 7 के बीच रेल पटरी में तीन बड़े फ्रैक्चर हैं। गश्त कर रही टीम जब तक इनकी मरम्मत करती तब तक अयोध्या की ओर से आई साबरमती और मरुधर एक्सप्रेस टूटी पटरी से ही तेजी से गुजर गईं। बताते हैं कि इस दौरान पटरियों से तेज आवाज आई। गनीमत रही कि हजारों यात्रियों से भरी यह ट्रेनें जैसे-तैसे गुजर गई। नहीं तो बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
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बाद में सतर्कता बरतते हुए इन सभी टूटी हुई पटरियों को अस्थाई रूप से जोड़कर कॉशन पर दो इंजन और तीन अन्य ट्रेनों को गुजारा गया। इस संबंध में रेलवे के अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे। बाद में रेल पथ निरीक्षक बद्री विशाल ने स्वीकार किया कि पटरी में फ्रैक्चर हुए थे।
रेलवे लाइन की मरम्मत में लापरवाही उजागर
रात भर में छह जगहों पर पटरी टूटने के पीछे क्या कारण थे यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा मगर जो कारण सामने आ रहे हैं वह लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं। रेल सूत्रों के अनुसार सफदरगंज के पास रेलवे लाइन के नीचे गिट्टी भरने का काम हो रहा है। ठेकेदार ने रेलवे लाइन के नीचे गिट्टियां मानक के अनुरूप नहीं भरी हैं। रेलवे लाइन कसने में भी लापरवाही हुई। इसलिए जैसे ही भारी भरकम गाड़ियां निकलीं पटरी टूट गयी।
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