बाराबंकी। शहर से लेकर गांव तक जर्जर सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग के तीन खंडों ने 1391 किलोमीटर सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा था। प्रदेश सरकार के गड्ढामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कार्य होना था। इसके लिए समयसीमा पहले 15 नवंबर फिर उसे बढ़ाकर 30 नवंबर तक निर्धारित किया गया था। विभागीय दस्तावेजों में भले ही सड़कें गड्ढामुक्त हो गईं हों लेकिन हकीकत इससे एकदम अलग है।
गड्ढामुक्त अभियान के तहत लोक निर्माण विभाग को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में चिह्नित जर्जर सड़कों हो सही करने के निर्देश मिले थे। बजट का रोना रोते हुए विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू कराने का दावा किया लेकिन अभियान पूरा होने तक जहां लाखों रुपये सड़कों के मरम्मत कार्य पर खर्च किए वहीं सड़कें आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं।
शहर से लेकर गांव तक गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। दिन प्रतिदिन सड़कों ही हालत और भी खराब होती जा रही है। आंखों में धूल झोंकने के लिए कई मार्गों पर जगह-जगह पैचिंग कार्य कराकर इतिश्री कर लिया गया है। उदाहरण के तौर पर फतेहपुर से बाराबंकी तक सैकड़ों की संख्या में गड्ढों की भरमार है। आज तक इन गड्ढों को भरा नहीं गया। हालांकि समय बीतने के बाद भी इस मार्ग पर निर्माण कार्य चलने की बात कही जा रही है। ऐसे ही हालात जिले के अन्य मार्गों पर भी देखने को मिल रहे हैं।
गढ़ी दुनौली मार्ग भी बदहाल
असंद्रा। क्षेत्र में तीन ग्राम पंचायतों के कई गांवों को जोड़ने वाला गढ़ी दुनौली मार्ग भी बदहाल पड़ा है। तीन माह पहले बारिश के दौरान हुए रेन कट व गड्ढों को भरा नहीं जा सका है। करीब दस हजार की आबादी को परेशानी हो रही है।
क्षेत्र में गढ़ी जलालपुर से दुनौली तक करीब ढाई किमी लंबे डामरीकृत मार्ग तीन ग्राम पंचायतों के गांव लोनी, अकबरपुर, पूरे जिया, मुबारकगंज, पूरे तलई, पूरे बहोरी, दुनौली, भेड़िया को जोड़ता है। तीन माह पहले बारिश में रेन कट से कई जगह सड़क बह गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गांवों के करीब दस हजार आबादी को आवागमन में परेशानी हो रही है। (संवाद)
वास्तविक रूप पाने के इंतजार में सड़कें
शहर की जर्जर सड़कों में कटरा मोहल्ला से नवी गंज मार्ग, आवास विकास कॉलोनी मार्ग के साथ कई अन्य सड़कें शामिल हैं। इसी तरह ग्रामीण अंचलों की निंदूरा के महमूदाबाद संपर्क मार्ग से रहीमाबाद होते हुए हर्रई मार्ग, साढ़ेमऊ से गुरुसेल, सूरतगंज से छेदा मार्ग, महमूदपुर से कंदरवल मार्ग, कड़ाकापुर से लालपुर करौता मार्ग समेत कई ऐसी सड़कें आज भी अपना वास्तविक रुप नहीं पा सकी हैं।
समयसीमा खत्म होने के बाद भी रुटीन में जर्जर सड़कों की मरम्मत का काम चलता रहता है। जल्द ही चिह्नित सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा। बजट के अभाव में भी काम प्रभावित नहीं होने दिया जाता है।
-आरके राम, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी