बाराबंकी। सरकारी चावल न देने वाली एक राइस मिल को बृहस्पतिवार को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही मिल संचालक से बकाए चावल की राशि की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राइस मिल संचालक को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी मिलर्स द्वारा गंभीरता से नहीं लिए जाने पर विभाग ने तहसील प्रशासन और पुलिस बल के साथ पहुंचकर यह कार्रवाई की है।
फतेहपुर में संचालित रवि एडिबल राइस मिल पर करीब साढ़े आठ हजार क्विंटल सरकारी चावल की देनदारी है। मिल संचालक को यह चावल एफसीआई को देने के लिए कई बार कहा गया और नोटिस भी जारी किए गए। लेकिन मिलर्स ने सरकारी चावल देने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
इस पर विभाग ने पूरे मामले से डीएम और शासन को अवगत करा दिया था। शासन ने मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। डीएम ने आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश जिला खाद्य विपणन अधिकारी को दिए। बृहस्पतिवार को तहसीलदार फतेहपुर राहुल सिंह के साथ पहुंचे जिला खाद्य विपणन अधिकारी की टीम ने राइस मिल को सील करा दिया है।
इसके साथ ही मिलर्स के खिलाफ रिकवरी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इस मौके पर वरिष्ठ विपणन अधिकारी आलोक रंजन, विपणन अधिकारी गीता कुलश्रेष्ठ, राजीव सिंह, विवेकानंद आदि मौजूद रहे।
फतेहपुर स्थित रवि एडिबल राइस मिल पर करीब साढ़े आठ हजार क्विंटल सरकारी चावल बाकी है। कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी इनके द्वारा सरकारी चावल देने में कोई रुचि नहीं दिखाई। शासन और डीएम से मिली अनुमति के बाद मिल को सील करा दिया गया है और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-राकेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी