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दो भाइयों सहित चार की तलाश में देर रात तक रेस्क्यू

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मसौली थाना क्षेत्र के सआदतगंज गांव के निकट स्थित कल्याणी नदी में डूबे लोगों को ढूंढने का प्रयास क - फोटो : BARABANKI
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मसौली (बाराबंकी)। गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों के बीच प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले लोगों का उत्साह देखने लायक था। विसर्जन के दौरान ही ऐसा हादसा हुआ कि चारों तरफ चीख-पुकार ही सुनाई पड़ने लगी। कल्याणी नदी में मां और दो बेटों के साथ ही पांच लोगों के डूब जाने के बाद पूरा माहौल करुण क्रंदन में बदल गया।
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सआदतगंज कस्बे में खबर पहुंचते ही चोरों तरफ से लोग नदी के घाट की तरफ दौड़ पड़े। पुलिस को सूचना दी गई, गोताखोर बुुलाए गए पर देर रात तक सिर्फ महिला का ही शव मिल सका। चारों लापता लोगों की तलाश जारी है।
चीख-पुकार के बीच क्षेत्र के नेता और संभ्रांत लोग पीड़ित परिवारीजनों को सांत्वना देने के साथ ही लापता लोगों की तलाश के लिए इंतजाम में जुटे रहे। देर रात एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी, लाइट के लिए जनरेटर का इंतजाम किया गया और जाल लगाकर डूबे हुए लोगों की तलाश शुरू की गई।
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सबकी मंगलकामना के साथ घर में गणपति की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना का दौर चल रहा था। रविवार को नारायणधर पांडेय गाजे-बाजे के साथ घर से सिर पर गणपित की प्रतिमा लेकर निकले तो उनके साथ पड़ोस के रहने वाले नीलेश और सूरज पटवा अपनी मां मुन्नी पटवा के साथ शामिल हो लिए।
धर्मेंद्र कश्यप भी गणपति के जयकारे लगाते हुए ढोल-मंजीरे के साथ पहुंचे। कल्याणी नदी के किनारे खेतों में पानी भरा होने के कारण अन्य लोगों को वहीं रोककर नारायणधर पांडेय पानी में उतर गए। सिर पर पूजन की थाल और प्रतिमा लिए नारायणधर आगे बढ़े तो फिसल गए।
बचाव में नीलेश, सूरज और धर्मेंद्र उतरे तो वे भी नदी की तेज धारा में बहने लगे। बेटों को डूबते देख मां ने अपनी साड़ी फेंककर बचाने की कोशिश की तो बेटों ने मां का आंचल पकड़ने का प्रयास किया लेकिन बहाव तेज होने के कारण मां भी डूब गई। पास में ही पेड़ के नीचे खड़े लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। सबके मुंह से बचाव-बचाव की पुकार सुनाई पड़ रही थी।
देखते ही देखते हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार सुनाई पड़ रही थी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, एसपी यमुना प्रसाद, सीओ व एसडीएम पीड़ित परिवारीजनों को ढांड़स बंधाने लगे।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कल्याणी नदी में डूबे नरायणधर पांडेय की मात्र पांच पुत्रियां हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी के हाथ पीले करने के लिए गणेश चतुर्थी से पूर्व रिश्ता देखकर आये थे। रविवार को गाजे-बाजे के साथ नदी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान वह डूब गए। इस हादसे से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
बेहद गरीबी में जीवन बसर कर रहे मदन पटवा कस्बे में ही धागा आदि बेचकर परिवार चलाते हैं। प्रतिमा विसर्जन के दौरान उनकी पत्नी मुन्नी व दो बेटे नीलेश व सूरज नदी पर गये थे। पत्नी की मौत से सदमे में बैठे मदन की आंखें निरंतर नदी की ओर ताक रही हैं कि शायद कोई बेटा बचकर निकल आये। पत्नी की लाश देख मदन दहाड़ मारकर बेहोश हो गये।
मदन का एक पुत्र रितेश मुंबई में है। वहीं नदी में लापता धर्मेंद्र कश्यप की चाची सावित्री एवं पिता सीताराम का रो-रो कर हाल बेहाल है। छह माह की आयु में धर्मेंद्र की माता की मौत होने पर बेेऔलाद चाची सावित्री ने बड़े ही लाड़ प्यार से धर्मेंद्र को बड़ा किया है।
रविवार को गणपति विसर्जन के दौरान हुए हादसे के बाद शुरू हुए बचाव कार्य में देरी हुई। चार घंटे की मेहनत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने महिला का शव तलाश लिया लेकिन चार लोगों का पता नहीं चल सका। स्थित को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को स्टीमर के साथ तलाश करने में लगा दिया। मौके पर जनरेटर आदि लगाया गया है। पर देर रात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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