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मौसम ने तोड़ा पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड

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बाराबंकी। बारिश, शीतलहरी और कड़ाके की ठंड ने इस बार कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी में करीब आठ दिन बरसात हुई। फरवरी का आगाज भी बरसात से ही हुआ है। कहीं-कहीं ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग की माने तो आने वाले अगले चार पांच दिनों में करीब 15 मिमी. बरसात की संभावना है और ओले भी गिर सकते हैं।
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बदली व बरसात के कारण जहां फसलों में रोग लगने लगे हैं। वहीं जिन खेतों में नमी ज्यादा है और खेतों में पानी रुक रहा है उनका आलू सड़ सकता है। बरसात यूं ही होती रही तो चना, मसूर व सब्जियों की फसल को भी नुकसान होगा। कृषि विभाग के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं कि बारिश, शीतलहरी और ठंड पिछले करीब 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ रही है।
कृषि विभाग के अनुसार, जनवरी माह में सामान्य से बहुत अधिक बारिश हो चुकी है। केवल जनवरी में ही 25.4 मिमी. बारिश हुई थी। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जनवरी में केवल एक मिमी. बरसात हुई थी। जनवरी में सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल का बताया जा रहा है।
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ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बरसात के साथ तेज हवा भी चली। इससे जिले के कई स्थानों पर सरसों की फसल गिर गई। फूल भी झड़े जिससे सरसों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जनवरी में बदली व बरसात के कारण सरसों में माहू रोग व सभी फसलों में झुलसा रोग भी लगा।
कृषि विभाग के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं कि झुलसा से फसलों को बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव जरूरी हो गया है। जनवरी के बाद फरवरी माह का आगाज भी खराब मौसम के साथ हुआ। बृहस्पतिवार की देर शाम बरसात होने से कई जगहों पर आलू के खेतों में पानी भर गया।
किसान पानी निकालने में जुटे रहे। बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार सुबह तक 9.3 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार अगले चार-पांच दिनों तक करीब 15 मिमी. बरसात होने की उम्मीद है और ओले गिरने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
फरवरी में बरसात का हाल
साल- मिलीमीटर
2016- शून्य
2017- शून्य
2018- 14.6
2019- 33.4
2020- 4.4
2021- 4.0
2022- चार दिन में 15 मिमी.
जिले में फसलों का क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
गेहूं- 142768
राई व सरसों- 48632
मसूर- 17198
मटर- 3508
तोरिया- 5740
चना- 677
न्यूनतम व अधिकम तापमान में केवल 5 डिग्री का अंतर
तापमान में उतार-चढ़ाव भी खूब हो रहा है। पिछले एक महीने में जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा वहीं न्यूनतम तापमान कई बार 6 डिग्री रहा। लेकिन शुक्रवार को दोनों तापमान में केवल 5 डिग्री का अंतर ही रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान जहां 18.5 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा करीब 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती रही।
इस बार जनवरी व अब फरवरी में हो रही बरसात ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इन महीनों में बरसात की संभावना बहुत कम होती है। वर्ष 2019 में पूरे फरवरी माह में 33 मिलीमीटर बरसात हुई थी लेकिन बीते 24 घंटे में ही 9 मिमी. से अधिक बरसात हो चुकी है। आगे भी बरसात और ओले गिरने की उम्मीद है। किसान खेतों में पानी न भरने दें।
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-डॉ. अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
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