बाराबंकी। बाराबंकी रेलवे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली रेलवे ट्रैक।
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बाराबंकी। लखनऊ से बाराबंकी के बीच मालगाड़ी के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। सर्वे के बाद क्वार्टर गार्ड बनाने के लिए कई दिनों से भूमि का चिन्हीकरण किया जा रहा है। साथ में बाराबंकी से अकबरपुर के बीच डबल रेल लाइन का भी काम शुरू करने की तैयारी चल रही है। मालगाड़ी के लिए अतिरिक्त लाइन बनने के बाद जिले के व्यापारियों को अधिक लाभ मिल सकेगा। यहां पर बुनकरों का कच्चा या तैयार माल हो, वह देश और विदेश तक जाता है। कोयला, खाद, भूसी, पालिस और अनाज भेजने व लाने में आसानी हो सकेगी।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे होने के कारण मालगाड़ियों का एक कॉरिडोर बाराबंकी तक अलग तैयार किया जा रहा है। इससे जहां यात्री ट्रेनों के आवागमन में समय बाधा नहीं होगी वहीं व्यापारियों के लिए लखनऊ शहर से बाहर आसानी से सामान आ-जा सकेगा। बाराबंकी के व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलने वाला है। लंबे समय से इसकी कवायद चल रही थी।
किंतु रेल सूत्रों के अनुसार सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद मालगाड़ी के अतिरिक्त लाइन बिछाने के लिए क्वार्टर गार्ड व अन्य सामान के लिए जमीन का चिन्हीकरण शुरू किया गया है। इससे आशा जगी है कि यह काम पूरा होने के बाद प्रमुख रूप से बुनकरों का कच्चा या तैयार माल, कोयला और उर्वरक आदि की रैक यहीं से उतरकर अड़ोस-पड़ोस के कई जिलों में भेजी जा सकेगी। इस बाबत डीआरएम ने बताया कि उनको अभी इसकी कोई अधिकृत जानकारी नहीं है, इंजीनियरिंग विभाग से जानकारी कर बता पाएंगे।
अकबरपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की तैयारी तेज
बाराबंकी से अयोध्या होते हुए अकबरपुर रेल प्रखंड का जल्द ही दोहरीकरण कार्य शुरू हो जाएगा। रेल मंत्रालय से कार्य की स्वीकृति के बाद इसके लिए 195 करोड़ 49 लाख रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। आवंटित राशि से 161 किलोमीटर ट्रैक पर मिट्टी, बॉक्स व पुलिया समेत 20 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण होना है। दोहरीकरण से ट्रैक पर रेंगने वाली ट्रेनों की स्पीड जहां बढ़ जाएगी, वहीं कई और ट्रेनों को चलाने की मंजूरी भी मिलेगी।
इससे भविष्य में यात्रियों को बहुत सहूलियत होगी। इस मार्ग पर सिंगल ट्रैक के चलते ट्रेनों के आवागमन में काफी दिक्कतें आती हैं। लेकिन अब दोहरी लाइन बनने से यात्रियों को लाभ मिल सकेगा। वर्तमान में बाराबंकी से वाराणसी तक ट्रेनों का काफी देरी से चलना सामान्य बात है और एक्सप्रेस ट्रेनों को मात्र 323 किलोमीटर की दूरी तय करने में 7 से 15 घंटे तक का समय लग जाता है।