बाराबंकी। शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए जिम्मेदारों ने कमर कस ली है। धुआं उगलकर प्रदूषण फैला रहे डीजल इंजन वाले ऑटो-टैंपो को जल्द ही शहर से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। डीजल ऑटो-टैंपो को शहर से बाहर करने की जिम्मेदारी एआरटीओ को सौंपी गई है। अब डीजल वाले किसी भी ऑटो, टैंपो को नया परमिट नहीं जारी होगा। जिससे शहर में केवल सीएनजी ऑटो-टैंपो चलेंगे और प्रदूषण पर लगाम लग सकेगी।
डीजल संचालित ऑटो-टैंपो अब जिले में नहीं चल सकेंगे। इनकी जगह सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) से संचालित वाहन चलेंगे। अब संभागीय परिवहन प्राधिकरण अयोध्या से सीएनजी वाहन का परमिट जारी होगा। परिवहन विभाग के इस आदेश से यह आटो-टैंपो जिलों से बाहर हो जाएंगे। अब डीजल चालित किसी ऑटो-टैंपो को नया परमिट जारी नहीं होगा। डीजल के पुराने परमिट से लैस ऑटो-टैंपो अपनी अवधि पूरी होने तक सड़क पर चलते रहेंगे।
उनकी अवधि आगे नहीं बढ़ेगी। शहर में संचालन के लिए सिर्फ सीएनजी संचालित नए ऑटो-टैंपो को ही परमिट जारी होगा। डीजल के पुराने ऑटो-टैंपो के खिलाफ बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिनका परमिट खत्म हो चुका होगा, उनको सीज कर दिया जाएगा। वहीं जिन डीजल संचालित ऑटो-टैंपो का परमिट खत्म होने में जितना समय बाकी होगा, उनको उतने समय तक चलने की मोहलत दे दी जाएगी। इन पुराने ऑटो-टैंपो का रिन्यूवल नहीं होगा।
जिले में हैं करीब साढ़े आठ सौ डीजल ऑटो-टैंपो
जिले में डीजल से संचालित होने वाले कुल 843 ऑटो-टैंपो हैं। इस आदेश से वाहन मालिकों को परेशानी का सामना पड़ेगा। डीजल से चलने वाले ऑटो और टैंपो जल्द से शहर में पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगे। सीएनजी वाले ऑटो-टैंपो पर हरी व काले रंग की पट्टी लगेगी जबकि डीजल वाहन पर हरी-पीली पट्टी लगती है।
जिले में इस समय सीएनजी के नौ पंप हैं। इसलिए नए टैंपो, ऑटो में सीएनजी भराने में कोई समस्या नहीं होगी। संभागीय परिवहन प्राधिकरण अयोध्या से सीएनजी ऑटो-टैंपो का परमिट जारी होगा। अब डीजल वाले किसी भी ऑटो, टैंपो को नया परमिट नहीं जारी होगा। पुराने टैंपो व ऑटो के संचालन के संबंध में अग्रिम आदेशानुसार अनुपालन किया जाएगा।
-पंकज सिंह, एआरटीओ प्रशासन